क्या मूलनिवासी विरोधी पार्टी है भाजपा और कांग्रेस?

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खबर मध्य प्रदेश की है, जो एक बार फिर मानवता को शर्मशार कर देगी।घटना का वीडियो भी सोसल मीडिया पर खूब वायरल हो रही हैं। खबर के मुताबिक, भाजपा और कांग्रेस के नेता, एक मूलनिवासी को चप्पल से मरते रहे। जबकि बगल में उस मूलनिवासी व्यक्ति के साथी का लाश यूं ही सड़क पर पड़ा रहा।

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बामसेफ यूं ही नहीं भाजपा और कांग्रेस को मूलनिवासी विरोधी पार्टी कहती हैं। ये दोनो ही पार्टी सिर्फ चुनाओ के समय ही एससी, एसटी और ओबीसी के हितैसी बनते हैं।

जबकि बाकी दिन, देश के मूलनिवासियों पर अत्याचार इन्ही पार्टियों से जुड़े लोग करते हुए नजर आते हैं।

खबर मध्य प्रदेश के अनूपुर जिले का है। बीते अठारह सितंबर, दो हजार तेईस दिन सोमवार को पिचरवाही गांव के निवासी मूलनिवासी बरनू सिंह अपने दोस्त मूलनिवासी भोमा सिंह के साथ बाइक पर अनूपपुर जा रहे थे, तभी एक वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी।

जिसमे मौके पर ही भोमा सिंह की मौत हो गई। जिसके बाद उसके साथी बरनू सिंह सदमे में चला गया। दोस्त के मौत के कारण उन्हें समझ नही आ रहा था की वे क्या करे?

इतने में भाजपा, मध्य प्रदेश की युवा शाखा के एक पदाधिकारी जय गणेश दीक्षित मौके पर पहुंचे और मूलनिवासी बरनू सिंह को चप्पल से मारने लगे।

बताते चले की जय गणेश दीक्षित भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के अनूपपुर (ग्रामीण) मंडल के अध्यक्ष हैं। जय गणेश दीक्षित के साथ उनके साथी जितेंद्र कुशवाह नाम का एक और आरोपी मौके पर उपस्थित था जिसे कांग्रेस का नेता बताया जा रहा हैं।

इन दोनो ने घटना स्थल पर आकर मूलनिवासी बरनू सिंह को चप्पलों से पीटना शुरू कर दिया। जबकि इनके साथी भोमा सिंह की लाश सड़क पर पड़ी रही।

जिसके बाद अनुसूचित जनजाति से आने वाले मूलनिवासी बरनू ने आरोपी जय गणेश दीक्षित और उनके सहयोगी जितेंद्र कुशवाह के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई ।

आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा तीन सौ तेईस (जान-बूझकर चोट पहुंचाना) और अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, उन्नीस सौ नवासी (1989) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया हैं।

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