============
सरकारी आंकड़ों से पता चलता हैं की भारतीय जनता पार्टी की नेतृत्व वाली गुजरात में लगभग ढाई लाख शिक्षित युवा हैं, जिन्होंने विभिन्न सरकारी विभागों में नौकरी के लिए पंजीकरण कराया हैं। लेकिन पिछले दो साल में सिर्फ बत्तीस युवाओं को ही सरकारी नौकरी मिली हैं।
===============
क्या इस देश में सरकारी नौकरी करना युवाओं के लिए एक सपना बन गया हैं? क्या अब सरकारी नौकरी की उम्मीद करना बेकार हैं?
हम आपको डरा नहीं रहे हैं, बल्कि वर्तमान में सरकारी विभागों में निकलने वाली भर्तियों की स्थिति बता रहे हैं।
सरकारी आंकड़ों की माने तो गुजरात में लगभग ढाई लाख युवा शिक्षित हैं। जिन्होंने विभिन्न सरकारी विभागों में नौकरी के लिए अपना पंजीकरण कराया हैं। लेकिन आश्चर्य की बात हैं की पिछले दो सालों में इन ढाई लाख पंजीकृत शिक्षित युवाओं में सिर्फ बत्तीस को ही सरकारी नौकरी मिली हैं।
भाजपा नेतृत्व वाली गुजरात सरकार ने बताया कि, पिछले दो वर्षों में कुल उनतीस ज़िलों में दो लाख अड़तीस हजार नौ सौ अठहत्तर (2,38,978) शिक्षित बेरोज़गारों को पंजीकृत किया गया है, जबकि दस हजार सात सौ संतावन (10,757) आंशिक रूप से शिक्षित बेरोज़गारों को पंजीकृत किया गया है, जिससे शिक्षित बेरोज़गारों की संख्या राज्य में दो लाख उनचास हजार सात सौ पैंतीस (2,49,735) हो गई है, जिन्होंने विभिन्न विभागों में अपना पंजीकरण करवाया हैं।
लेकिन आश्चर्य की बात यह है की, पिछले दो वर्षों में राज्य में केवल बत्तीस युवाओं को ही सरकारी नौकरियां मिली है।
सरकारी नौकरी पाने वाले बत्तीस लोगों में से बाईस अहमदाबाद में, नौ भावनगर में और एक गांधीनगर से संबंधित हैं।
सरकारी आंकड़े बताते है कि, गुजरात के विभिन्न जिलों में शिक्षित बेरोजगारों की संख्या हजारों में हैं। जिनमें सबसे अधिक आनंद, वडोदरा और अहमदाबाद में हैं।
आंकड़ों के मुताबिक आनंद में इक्कीस हजार छह सौ तेतीस (21,633), वडोदरा में अठारह हजार सात सौ बत्तीस (18,732) और अहमदाबाद में सौलह हजार चार सौ (16,400) शिक्षित युवा बेरोजगार है । जिन्होंने विभिन्न विभागों में अपना पंजीकरण कराया हैं।








