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हर कोई अपने बच्चों को आईआईटी जैसे शैक्षणिक संस्थानों में दाखिला करवाने का सपना देखता हैं, क्योंकि यहां कई बड़ी कंपनियां आती हैं और अच्छी खासी तनख्वा के साथ विद्यार्थियों का चयन करती हैं, लेकिन अब आईआईटी जैसे संस्थानों में भी प्लेसमेंट में गिरावट देखी जा सकती हैं।
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इस देश में सरकारी नौकरियों का हाल क्या हैं? इससे हम सब परिचित हैं। केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों को मिलाकर लाखो पद खाली हैं, लेकिन सरकारें सिर्फ रिक्त पदों को भरने का आश्वासन ही देती आई हैं।
सिर्फ भारतीय रेलवे के विभिन्न श्रेणियों को मिलाकर दो लाख से अधिक पद खाली हैं, जिसको भरने का सिर्फ आश्वासन ही दिया जा रहा हैं।
इस देश की आईआईटी जैसी संस्थानों द्वारा प्लेसमेंट के जरिए नौकरी पाना बच्चों और अभिभावकों का एक सपना रहता हैं।
जो अभिभावक सक्षम होते हैं वो मोटी फीस देकर अपने बच्चों का दाखिला आईआईटी जैसे शैक्षणिक संस्थानों में कराते है। इस उम्मीद से की पढ़ाई खत्म होते होते किसी नेशनल या इंटरनेशन कंपनी में उनके बच्चों की नौकरी लग जायेगी।
लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि इस बार आईआईटी जैसी संस्थानों में भी होने वाली प्लेसमेंट में गिरावट आई हैं।
जानकारी के मुताबिक पिछले साल के मुकाबले इस साल आईआईटी संस्थानों में होने वाली प्लेसमेंट में पंद्रह से तीस फीसदी की गिरावट देखी गई हैं।
आईआईटी-खड़गपुर के एक छात्र बताते है कि, जो कंपनियां पहले आठ से दस छात्रों को रिक्रूट करती थीं, वे इस बार एक या दो ही हायरिंग कर रही हैं। उन्होंने कहा की, कुछ कंपनियां कैंपस में आ रही हैं लेकिन रिक्रूटमेंट नहीं कर रही हैं।
एक और ओल्ड आईआईटी के छात्र ने कहा कि, आईआईटी संस्थानों में फाइनल प्लेसमेंट्स एक दिसंबर को शुरू हुआ था। इस बार ऑफर में पिछले साल के मुकाबले तीस परसेंट गिरावट आई है।
बताते चले की, इनमें दिल्ली, बॉम्बे, कानपुर, मद्रास, खड़गपुर, रुड़की, गुवाहाटी और वाराणसी आईआईटी शामिल हैं।







