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भारत में ऐसे कई सांप्रदायिक दंगे हैं जिन्हे भड़काने का आरोप भाजपा सहित विभिन्न राजनीतिक पार्टियों पर लगे हैं। लेकिन हाल ही में जारी ब्रिटेन के टेबलॉयड ‘डेली मेल’ ने अपनी
रिपोर्ट में पिछले साल अगस्त में लेस्टर शहर में भड़के हिंदू मुस्लिम दंगों का कारण भारतीय जनता पार्टी को बताया हैं।
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आपको याद होगा पिछले साल अगस्त , दो हजार बाईस के अंत में भारत-पाकिस्तान क्रिकेट मैच के बाद ब्रिटेन के लेस्टर में हिंदू और मुस्लिम युवकों के बीच हिंसक झड़पें हुई थीं। जिसे अंतरराष्ट्रीय मीडिया द्वारा व्यापक तरीके से प्रसारित किया गया था।
लेकिन भारतीय मीडिया द्वारा इस हिंसक झड़प को विशेष तौर पर मुसलमानों द्वारा हिंदू निवासियों पर हमला करने के रूप में प्रचारित किया गया था। जबकि हिंदुओं और उनके घरों पर हमलों के साथ-साथ मुस्लिमों के मस्जिदों और घरों पर हमले और तोड़फोड़ की ख़बरें आई थीं।
लेकिन अब एक रिपोर्ट ने इन हिंसक झड़प का आरोप भारत की भारतीय जनता पार्टी पर लगाया हैं। हाल ही में जारी ब्रिटेन के टेबलॉयड ‘डेली मेल’ ने एक रिपोर्ट में बताया है कि अगस्त दो हजार बाईस में लेस्टर शहर में भड़के दंगों में ब्रिटिश हिंदुओं को मुस्लिम युवाओं से उलझने के लिए उकसाने का संदेह भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भारतीय जनता पार्टी के क़रीबी तत्वों पर है।
ब्रिटिश टेबलॉयड डेली मेल ने साफ साफ बताया है कि पिछले साल ब्रिटेन (यूके) के लेस्टर में हुई हिंसक नस्लीय झड़पों को कथित तौर पर ‘भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हिंदू राष्ट्रवादी पार्टी (भाजपा) द्वारा भड़काया गया था।
यूके सुरक्षा बल के एक सदस्य ने अखबार से बात करते हुए दावा किया है की, ऐसे सबूत मिले हैं कि भाजपा से जुड़े कार्यकर्ताओं ने क्लोज्ड वॉट्सऐप ग्रुपों का इस्तेमाल करते हुए हिंदू प्रदर्शनकारियों को सड़कों पर उतरने के लिए प्रोत्साहित किया था।
रिपोर्ट के मुताबिक, डेली मेल को बताया गया था कि हिंसा के दौरान भारत के भाजपा कार्यकर्ताओं ने मैसेज और मीम्स जारी करने शुरू कर दिए थे, जो लेस्टर में हिंदुओं के बीच वॉट्सऐप ग्रुप्स में बड़े पैमाने पर भेजे गए थे।
रिपोर्ट के मुताबिक, रटगर्स विश्वविद्यालय के नेटवर्क कन्टेजन रिसर्च इंस्टिट्यूट के अनुसार, पिछले साल अगस्त के अंत और सितंबर की शुरुआत में लेस्टर में हुए दंगों के दौरान ट्विटर पर करीब पांच सौ अप्रमाणिक एकाउंट बनाए गए थे, जिनसे हिंसा का आह्वान किया गया और मीम तथा भड़काऊ वीडियो फैलाए गए।
रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है की मोदी और उनकी भाजपा वह कर रही हैं जो वे गुजरात में किसी भी तरह स्थानीय प्रतिनिधि निर्वाचित कराने के लिए करते हैं। यानी चुनाव जीतने में करती हैं।







