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बीते दिनों झारखंड के सिमडेगा जिले के केरसई थाना क्षेत्र में सैकड़ों मूलनिवासियों ने थाना प्रभारी के खिलाफ विरोध किया। आरोप है की केरसई प्रखंड के ठेसूटोली गांव में बीते चार जुलाई को थाना प्रभारी ने मूलनिवासी फुलमनी देवी को थाप्पड़ मारा था और महिला द्वारा आवेदन देने पर समय पर कार्यवाई भी नहीं हुई। जिससे मूलनिवासी समाज के द्वारा थाना प्रभारी को बर्खास्त करने की मांग लेकर बीते दिनों जोरदार प्रदर्शन किया गया। जिसके बाद थाना प्रभारी के खिलाफ कार्यवाई की गई।
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एक बार फिर कानून शर्मशार हुआ हैं। इस बार खबर झारखंड के सिमडेगा जिले में स्थिति केरसई थाना क्षेत्र की हैं । जहा बीते दिनों केरसई थाना प्रभारी द्वारा मूलनिवासी फुलमनी देवी को थप्पड़ मारा गया था। जब इस मामले में शिकायत दर्ज की गई तो प्रशासन द्वारा समय पर कार्रवाई भी नही की गई।
जिससे अक्रोषित मूलनिवासियों ने बीते बीस जुलाई , दो हजार तेईस को आरोपी को बर्खास्त करने की मांग को लेकर जोरदार विरोध किया गया। जिसमे प्रखंड के विभिन्न गांवों से सैकड़ों की संख्या में लोग उपस्थित हुए।
सर्व आदिवासी समाज के नेतृत्व में जिला मुख्यालय में जिले के विभिन्न गांव से हजारों की संख्या में महिला एवं पुरुष शासन व्यवस्था द्वारा न्याय दिलाने को लेकर जिला मुख्यालय स्थित अल्बर्ट एक्का स्टेडियम में शामिल हुए और केरसई थाना प्रभारी को बर्खास्त करने की मांग होने लगी।
प्रदर्शनकारियों ने कहा की, यह एक निंदनीय घटना है। एक पुरुष पुलिस अधिकारी जो केरसई थाना प्रभारी है के द्वारा बिना दोष के विधवा महिला के ऊपर हाथ उठाना अशोभनीय है।
उन्होंने कहा की, इस मामले में शिकायत मिलने पर भी कारवाई में विलंब से समाज के लोगों में काफी गुस्सा है।
हालांकि मूलनिवासियों के इस प्रदर्शन के बाद एसपी द्वारा आरोपी के ऊपर कार्यवाई की गई और उन्हें पद से हटाया गया।
जिसके बाद आदिवासी महासभा के प्रदेश अध्यक्ष मूलनिवासी विश्वनाथ भोय गोंड ने कहा कि, वे कारवाई होने से संतुष्ट हैं किन्तु ऐसी घटना की पुनर्रावृति न हो। दोषी को कड़ी सजा होनी चाहिए। आदिवासी समाज के प्रतिनिधि होने के नाते मैं और मेरा समाज आक्रोशित है।
प्रदेश सचिव मूलनिवासी श्याम किशोर प्रधान ने कहा कि, प्रशासन को आदिवासियों के हितों की रक्षा निष्पक्ष होकर करना होगा। पुलिस प्रशासन का रवैया चिंताजनक है। आदिवासी समाज आपसे आक्रोशित है।
आरोपी की कार्यवाई पर महिला अधिकार कार्यकर्त्ता अगुस्टीना सोरेंग ने कहा कि, थाना प्रभारी के ऊपर कारवाई हुई है पर क्या उसके ऊपर एट्रोसिटी के धाराओं के तहत केस दर्ज हुआ? अगर नहीं तो क्यूं नहीं हुआ?








