मणिपुर की घटना को लेकर पीपीआई (डी) जिला इकाई, बोकारो ने निकाला पैदल मार्च।

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बीते चार अगस्त, दो हजार तेईस को पीपल्स पार्टी ऑफ इंडिया (डेमोक्रेटिक) जिला इकाई, बोकारो द्वारा मणिपुर की घटना के विरोध में पैदल मार्च निकाला गया। साथ ही जिला उपायुक्त को महामहिम राष्ट्रपति महोदया के नाम ज्ञापन भी सौंपा गया। इस पैदल मार्च में सैकड़ों की संख्या में महिला एवम् पुरुष उपस्थित रहे। जिन्होंने खूब नारेबाज़ी की और मणिपुर सरकार को तुरंत बरखास्त करने की मांग की।

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बीते चार अगस्त, दो हजार तेईस (शुक्रवार) को मणिपुर की घटना और मणिपुर में राज्य सरकार की संवैधानिक विफलता के विरोध में पीपल्स पार्टी ऑफ इंडिया (डेमोक्रेटिक) जिला इकाई, बोकारो द्वारा महामहिम राष्ट्रपति महोदया के नाम ज्ञापन सौंपा गया।

इससे पहले मणिपुर की घटना के विरोध में पैदल मार्च निकाल कर विरोध प्रदर्शन किया गया। जिसमे सैकड़ों की संख्या में महिला एवम् पुरुषो ने हिस्सा लिया। इस पैदल मार्च में पार्टी के कई पदाधिकारी व कार्यकर्ता शामिल रहे । जिन्हे अन्य सामाजिक संगठनों का भी साथ और सहयोग मिला।

यह पैदल मार्च चास से शुरू होकर उपायुक्त कार्यालय तक गया। जहा इस मामले में जिला उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा गया। पार्टी ने ज्ञापन पत्र के माध्यम से पीड़ितो को मुआवजा दिलाने के साथ साथ कई महत्वपूर्ण मांगे की हैं।

पीपल्स पार्टी ऑफ इंडिया (डेमोक्रेटिक) ने कहा की, पार्टी मणिपुर में महिलाओं के साथ हुए और हो रही अमानवीय तथा असंवैधानिक अपराधिक कुकर्मों की पुरजोर भर्त्सना करती हैं। हत्या, बलात्कार, आगजनी, लूटपाट, महिलाओं की चीरहरण के लिए उत्तरदाई हजारों की संख्या में लोग, पुलिस तथा सरकार के सभी जिम्मेदार लोगो को निश्चित ही फांसी की सजा होनी चाहिए।

पार्टी ने कहा की, संवैधानिक व्यवस्था में कानून और व्यवस्था राज्य का विषय हैं। राज्य अपराध मुक्त रहे, महिलाओं की इज्जत सुरक्षित रहे, लोग अपनी मांगों को संवैधानिक व्यवस्था में उठाने के लिए सफल रहे, ये राज्य सरकार की संवैधानिक जिम्मेदारी हैं। जिसमे मणिपुर सरकार पूर्णतः असफल हुई हैं।

पार्टी ने ज्ञापन के माध्यम से महामहिम से निवेदन किया है की, मणिपुर की सरकार को संवैधानिक रूप से असफल और अपराधिक षड्यंत्रनुमा व्यवहार के कारण तत्काल बर्खास्त किया जाए। साथ ही केंद्र सरकार को भी पक्ष मानते हुए मणिपुर शासन – प्रशासन सुप्रीम कोर्ट के नियंत्रण में दिया जाए।

पार्टी ने कहा, क्योंकि सम्मान और गरिमा नागरिक की, विशेषतः महिलाओं की अमूल्य धरोहर है। इसलिए पीड़ित महिलाओं को तत्काल पचास – पचास करोड़ रुपए। साथ ही हत्या के शिकार पुरुषो के परिवारों को पांच से दस करोड़ तक मुआवजा तत्काल जारी किया जाए।

इसके अलावा पार्टी की मांग है की, बीते चार मई की घटना में शामिल सभी आठ सौ से एक हजार लोगो और पुलिस वालों को तथा सभी साजिश रचने वालों को बराबर का अपराधी मानते हुए केस चलाने के लिए गिरफ्तार किया जाए और उनकी समस्त संपत्तियों को जब्त किया जाए।

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