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पीपल्स पार्टी ऑफ इंडिया (डेमोक्रेटिक) के विभिन्न इकाइयों द्वारा मणिपुर की घटना को लेकर महामहिम के नाम ज्ञापन दिया जा रहा है। बीते दिनों पीपल्स पार्टी ऑफ इंडिया (डेमोक्रेटिक) जिला इकाई, धनबाद द्वारा भी जिला कलेक्टर के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति महोदया के नाम ज्ञापन सौंपा गया। जिसमे मणिपुर हिंसा के सभी आरोपियों को बराबर का दोषी मानते हुए फांसी की आज देने की मांग की गई हैं।
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बीते इकतीस जुलाई, दो हजार तेईस को पीपल्स पार्टी ऑफ इंडिया (डेमोक्रेटिक) जिला इकाई, धनबाद द्वारा मणिपुर की हिंसा को लेकर जिला कलेक्टर के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति महोदया के नाम ज्ञापन सौंपा गया। जिसमे पार्टी के कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
पार्टी ने अपने ज्ञापन में महामहिम राष्ट्रपति महोदया से कई निवेदन किए हैं, जिनमे मणिपुर सरकार को तुरंत भंग कर राष्ट्रपति शासन लागू करना, सभी जांच एजेंसियों की जांच करना साथ ही दोषी पाए जाने वाले सभी आरोपियों को बराबर का दोषी मानते हुए फांसी की सजा देने समेत कई मांगों को रखा हैं।
पार्टी कार्यकर्ताओं ने कहा कि, बीते चार मई को आठ सौ से एक हजार लोगो द्वारा हमला करके पुरुषों की हत्या करके, महिलाओं के साथ सामूहिक दुष्कर्म करना और राज्य पुलिस की मौजूदगी में यह सब होना स्पष्ट करता है की मणिपुर में संवैधानिक शासन प्रशासन पूर्ण रूप से विफल हो चुका हैं।
बताते चले की कुकी समाज की जिन दो महिलाओं को निर्वस्त्र घुमाया गया था, उन्होंने खुद द वायर को दिए एक इंटरव्यू में कहा था की जब हमें सड़क पर निर्वस्त्र कर घुमाया जा रहा था तब पुलिस कार पर बैठी थी लेकिन हमारी मदद नहीं की।
बताते चले की कुकी समाज की दो महिलाओं को निर्वस्त्र कर घुमाएं जाने की घटना बीते चार मई की थी, लेकिन इसकी जानकारी लोगो को तब पड़ी जब बीते उन्नीस जुलाई को यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुई।
घटना के लगभग दो महीने बाद इसकी जानकारी लोगो तक पहुंचने का कारण यह है की वहा बीते कई दिनों से इंटरनेट शटडाउन कर दिया गया था। ताकि घटना की जानकारी और सरकारों की नाकामी लोगो तक न पहुंचे।
मणिपुर पिछले कई महीनों से जातीय हिंसा की आग में जल रहा हैं। लेकिन इस बारे में न ही मीडिया वालो ने नेशनल टेलीविजन पर दिखाया और न ही सरकारों ने इस बात को फैलने दिया।
सरकार ने इंटरनेट शटडाउन करके अपनी नाकामी को लगभग दो महीने तक छुपाया लेकिन अखिरका सरकार की नाकामी लोगो के सामने आ ही गई। जिसके बाद पूरे देश भर से मणिपुर की स्थिति को लेकर प्रदेश और केंद्र की भाजपा सरकार की आलोचना हो रही हैं।






