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रेलवे में लगभग 3 लाख पड़ खाली।
चपरासी बनने की होड़ में डिग्री धारक युवा।
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राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में इस बात को सार्वजनिक किया गया हैं कि केंद्र सरकार के 78 विभागों और मंत्रालयों को मिलाकर 9.79 लाख से भी अधिक पद खाली पड़े हुए हैं। जिसमे सबसे अधिक पद रेलवे, रक्षा विभाग और गृह मंत्रालय से संबंधित विभागों में खाली हैं।
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देश में रोजगार की क्या हालत हैं? यह किसी से छुपी नहीं हैं। इस देश में रोजगार पाना इतना मुश्किल हैं कि, लाचार होकर हायर एडुकेटेड लोग भी मामूली सी चपरासी की नौकरी के लिए लाइन में खड़े हैं।
आपको पता होगा कि वर्तमान में एसएससी ने एमटीएस के विभिन्न पदों के लिए भर्तियां निकाली हैं। जिसकी सामान्य योग्यता दसवीं पास हैं। लेकिन इस दौड़ में कई एमबीए और बीटेक डिग्री धारक अभ्यार्थी भी शामिल हैं।
बताते चलें की पिछले साल एसएससी के विभिन्न पदों जैसे चपरासी, माली और चौकीदार आदि के विभिन्न पदों के लिए कई डिग्री धारिको ने अप्लाई किया था। जिसमे 21879 बीटेक वाले, 484 एमटेक, 1615 एमबीए औऱ 6144 बीएड डिग्री धारक अभ्यर्थी शामिल हुए थे।
यह आंकड़े काफी हैं देश मे रोजगार की दयनीय स्थिति को दर्शाने के लिए। आज करोड़ो की संख्या में युवा बेरोज़गारी की मार झेल रहे हैं। और देश की यह स्थिति तब हैं, जब केंद्र की 78 विभागों और मंत्रालयों को मिलाकर लगभग दस लाख पद खाली पड़े हैं।
यह हम नहीं बल्कि सरकार ही इस बात को स्वीकार करती हैं। बीते दिनों राज्यसभा में एक सवाल के लिखित जवाब में कार्मिक राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने बताया कि केंद्र सरकार के 78 मंत्रालयों और विभागों में 9 लाख 79 हजार से भी अधिक रिक्तियां हैं, जिनमें से रेलवे में 2 लाख 93 हजार , रक्षा (सिविल) में 2 लाख 64 हजार और गृह मंत्रालय में 1 लाख 43 हजार पद ख़ाली हैं।
इन सबके बीच सरकार केवल वादों के अलावा और कुछ नहीं करती नज़र आ रही हैं। आज अगर बीजेपी सरकार दो करोड़ नौकरियां प्रति वर्ष देने के वादे पर कायम रहती तो शायद ये लाखो पद आज खाली नहीं रहते।
इन खाली पदों में आईएएस औऱ आईपीएस के भी हजारों पद शामिल हैं। जिन्हें सबसे ज़िम्मेदार पदों में एक माना जाता हैं। आंकड़ो के मुताबिक, ऐसा एक भी राज्य नहीं है, जहां इन दोनों के लिए स्वीकृत पद में रिक्तियां नहीं हैं। आंकड़ो के मुताबिक पिछले वर्ष मार्च तक आईएएस के कुल 1472 और आईपीएस के 864 पद खाली हैं।
आंकड़े देखे तो मध्य प्रदेश में आईएएस के कुल 439 स्वीकृत पद हैं, जिनमे 84 पद खाली पड़े हुए हैं। वही आईपीएस के लिए कुल 305 स्वीकृत पदों में 58 पद खाली हैं। यही हाल राजस्थान, गुजरात, झारखंड, बिहार आदि जैसे राज्यों का भी हैं।








