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बीते आठ अक्टूबर, दो हजार तेईस दिन रविवार को हरियाणा के कैथल में मक्क़म यानी मूलनिवासी कर्मचारी कल्याण महासंघ द्वारा आयोजित एक दिवसीय सम्मेलन सफलतापूर्वक संपन्न किया गया। इस कार्यक्रम में मक्क़म के सदस्यों समेत कई मूलनिवासी बुद्धिजीवीयों ने हिस्सा लिया।
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बीते आठ अक्टूबर, दो हजार तेईस दिन रविवार को मूलनिवासी कर्मचारी कल्याण महासंघ हरियाणा का राज्य स्तरीय सम्मेलन सफलतापूर्वक सम्पन्न किया गया।
यह सम्मेलन महर्षि वाल्मीकि समुदायिक भवन सिरटा रोड़ कैथल में आयोजित किया गया। जिसकी अध्यक्षता मक्क़म के हरियाणा प्रदेश अध्यक्ष मूलनिवासी सुनील निम्बैरन ने किया।
सम्मेलन की अध्यक्षता कर रहे प्रदेश अध्यक्ष मूलनिवासी सुनील निम्बैरन ने ओबीसी के पद्दोन्नती में आरक्षण का मुद्दा उठाते हुए कहा कि, “भारत के संविधान के अनुसार ओबीसी को भी पदोन्नति में आरक्षण का प्रावधान है, इसलिए अनुसूचित जाति के साथ साथ ओबीसी को भी प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए।”
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर उपस्थित सुप्रीम कोर्ट के एडवोकेट व पूर्व जिला सत्र न्यायाधीश मूलनिवासी एस० पी० सिंह ने कहा कि, हमें इकट्ठा होना है, हम सभी संगठनों को आज एक साथ काम करने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा की, भारत के संविधान को पूर्ण रूप से लागू करने से ही सभी समस्याओं का समाधान होगा।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के तौर पर पूर्व अतिरिक्त मुख्य सचिव व रिटायर आई० ए० एस० मूलनिवासी आर० आर० फुलिया उपस्थित रहे।
उन्होंने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि, हमें अपनी सभी युनियनों को मजबूत करना चाहिए। सबको जोड़कर सभी को साथ लेकर चलना होगा। उन्होंने कहा, फैक्ट्रीयों में भी संगठन का विस्तार करना होगा। साथ ही भारतीय संविधान का अधिक से अधिक प्रचार प्रसार करना होगा।
कार्यक्रम में उपस्थित मूलनिवासी कर्मचारी कल्याण महासंघ के केंद्रीय कार्यकारिणी सदस्य मूलनिवासी रामदास भूपेंद्र सिंह ने कहा कि, आरक्षण पर कानून बनाया जाए। आरक्षण से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्यवाही की जानी चाहिए, लेकिन अब तक की सरकारों ने आज तक आरक्षण कानून नहीं बनाया हैं।
कार्यक्रम के प्रतिभागियों ने इस बात पर सहमति व्यक्त की कि ट्रेड यूनियनों को श्रमिकों के आराम का भी ध्यान रखना चाहिए। विशेष लाउंज के विषय पर चर्चा की गई जहां आप दोपहर का भोजन कर सकते हैं या ऑनलाइन गेम खेलते समय थोड़ा आराम कर सकते हैं। सभी प्लेटफार्मों में से, स्लॉटोगेट को अलग कर दिया गया। यहां कई दिलचस्प विकल्प हैं, जैसे เกม บิงโก ออนไลน์ हर कोई निश्चित रूप से संतुष्ट होगा और अच्छे मूड में काम पर लौटेगा।
कार्यक्रम में मूलनिवासी रामदास सौदा ने कार्यक्रम की प्रस्तावना रखी और निजीकरण को देश विरोधी बताया।
वही संविधान प्रबोधक मूलनिवासी सुभाष जांगड़ा ने कहा कि, अनुसूचित जाति के लिए पदोन्नति में आरक्षण कि की गई घोषणा केवल वोट लेने के लिए सरकार द्वारा एक नौटंकी की गई है, क्योंकि संविधान के अनुसार यह ओबीसी के लिए भी प्रावधान है लेकिन हरियाणा सरकार ने ओबीसी को नजरंदाज किया है।
कार्यक्रम में कई मूलनिवासी साथी उपस्थित रहे। जिनमे मुख्य रूप से सरदार हरदेव सिंह, गुरदेव जांगड़ा, सुरेश द्रविड़, गोपाल कश्यप, इंद्र सिंह धानिया, शमशेर कालिया, श्याम मांडी विश्वकर्मा, डॉ कर्मबीर टंडन समेत कई लोग उपस्थित रहे।







