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बीते बाईस, अप्रैल दो हजार तेईस को महर्षि वाल्मीकि मंदिर के नजदीक विनोबा पुरी मैट्रो स्टेशन लाजपत नगर, दिल्ली में एनसीसीएमबीओं की एक अति आवश्यक बैठक आयोजित की गई। जिसमें कुल बारह संगठनों के सदस्यों ने भाग लिया। इस बैठक में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चाएं हुई।
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दिल्ली के लाजपत नगर में एनसीसीएमबीओं की एक अति आवश्यक बैठक सफलतापूर्वक संपन्न की गई। जिसमे बामसेफ, मूलनिवासी संघ और समण संघ समेत बारह मूलनिवासी संगठनों के कई पदाधिकारीगण और सदस्य उपस्थित हूए।
बैठक की शुरुआत सभी उपस्थित सदस्यों के परिचय से हुई। शुरुआत में बामसेफ के राष्ट्रीय संगठन सचिव सह एनसीसीएमबीओं के सदस्य मू० सुरेश द्रविड़ द्वारा बैठक का एजेंडा को पढ़ कर सदन के सामने रखा गया।
कार्यक्रम में एनसीसीएमबीओं की ऐतिहासिक पार्श्वभूमी व आपसी जुड़ाव की कार्यपद्धति पर चर्चा हुई। मौके पर उपस्थित बामसेफ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मू० रमाशंकर राम ने बहुजन संगठनों के आपसी सहयोग एवं समन्वय के लिए सहमति के चार बिंदुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला।
जबकि समण संघ से उपस्थित मू० सुधीर राज सिंह ने बहुजन संगठनों के एकीकरण पर अपनी बात रखी। वही बामसेफ के राष्ट्रीय संगठन सचिव मू० सुरेश द्रविड़ ने सदन को जानकारी दिया कि, बामसेफ के वर्तमान राष्ट्रीय अध्यक्ष मू० नितिन गनोरकर जी ने अब मू० एन० गंगाधर जी की जगह एनसीसीएमबीओं में कार्य करने के लिए मुझे अधिकृत किया है और अब मू० एन० गंगाधर जी के स्थान पर मुझे ही कार्य करना है।
मू० सुरेश द्रविड़ ने कहा कि, हमें इकट्ठा होने की प्रक्रिया, पैमाना और सिद्धांत पर ही अधिक से अधिक कार्य करना होगा, इसके लिए हमें अधिक से अधिक साथियों के साथ सम्पर्क करना पड़ेगा। उन तक संदेश देना पड़ेगा, उनसे संवाद स्थापित करते हुए उसे सुसंवाद में तब्दील करना होगा।
साथ ही मू० सुरेश द्रविड़ ने आर्थिक सहयोग पर जोर दिया। उन्होंने कहा, बिना आर्थिक सहयोग के कोई भी आंदोलन नहीं चल सकता। किसी भी आंदोलन को मंजिल तक पहुंचाने के लिए आर्थिक एवं मानवीय संसाधनों की आवश्यकता होती है। बिना संसाधनों के हम आगे नहीं बढ़ सकते।
कार्यक्रम में इस बात पर सहमति बनी की एनसीसीएमबीओं के लक्ष्य एवं उद्देश्यों से मेल खाने वाले सभी संगठनों को इकट्ठा किया जाएगा। विभिन्न संगठनों के साथियों को प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। आने वाले दिनों में एनसीसीएमबीओं का सदस्यता अभियान जोर शोर से चलाया जाएगा। जिसमे प्रत्येक सदस्य पचहत्तर संगठनों से सम्पर्क करेगा।
बैठक में एनसीसीएमबीओं के राष्ट्रीय महासचिव मू० रमेश कटके जी ने एनसीसीएमबीओं के उद्देश्यों और इसके कार्य पर विस्तार से प्रकाश डाला और इसके निर्माण की प्रक्रिया को समझाया। इन्होंने विशेष रूप से
एनसीसीएमबीओं का ढांचा एवं संस्थायीकरण पर चर्चा किया।
बैठक में उपस्थित सदस्यों ने बहुत से सुझाव इस संबंध में दिए। जिनको भविष्य में एनसीसीएमबीओं में लागू करने की बात कही गई। उपस्थित सभी साथियों ने निर्णय लिया कि उन्हें अपने अपने राज्य में सम्पर्क बढ़ाना है, दूसरे संगठनों के साथियों से उनके अध्यक्ष, महासचिव और कोषाध्यक्ष व अन्य पदाधिकारियों का डाटा व ईमेल प्राप्त करना है ताकि हम उनसे जुड़ सके।
उपस्थित सदस्यों के बीच इस बात पर भी सहमति बनी कि एनसीसीएमबीओं के कार्यक्रमों से दूसरे संगठनों के कार्यक्रमों का क्लेश नहीं होना चाहिए। इसलिए पूरे वर्ष का कैलेंडर बनाने पर सहमति बनी, जिसको भविष्य में तैयार किया जाएगा।
इन सब के अलावा देश के मौजूदा हालातों पर भी चर्चा हुई और सामाजिक, आर्थिक, राजनैतिक, शैक्षिक और धार्मिक परिदृश्य पर गहन मंथन हुआ । उपस्थित सभी संगठनों के साथियों से अपील की गई कि संवैधानिक अधिकारों की प्राप्ति के लिए और भारतीय संविधान को पूर्ण रूप से लागू करवाने के लिए एक साथ इकठ्ठा होकर एक लक्ष्य और एक दिशा के लिए कार्य करना होगा।








