नीट में केंद्र द्वारा अपने राज्य के कोटे में ओबीसी को आरक्षण न देने का मामला देश भर में केंद्र सरकार के प्रति विरोध और गुस्से को बढ़ा रहा है।
इसका कारण साफ़ है, क्योंकि, अपने संवैधानिक हक़-अधिकारों को लेकर प्रत्येक राज्य में मूलनिवासी ओबीसी में जागृति बढ़ते हुए दिखाई दे रही है। ओबीसी में संवैधानिक हक-अधिकारों की जागृति के लिए देशभर में कार्य करनेवाले सामाजिक संगठन मूलनिवासी संघ ने हमेशा संवैधानिक अधिकारों को लेकर आवाज उठा रहा है।
NEET मे OBC को प्रतिनिधत्व नहीं दिये जाने के विरोध में मूलनिवासी संघ द्वारा पुरे देश भर से अपने जिला यूनिटों के माध्यम से केंद्र सरकार को ज्ञापन दिए जा रहे हैं।
इसी के तहत मध्य प्रदेश के रीवा जिला मूलनिवासी संघ यूनिट द्वारा NEET मे OBC को प्रतिनिधत्व देने की मांग को लेकर सिरमौर एसडीएम के माध्यम से भारत के राष्ट्रपति को ज्ञापन दिया गया।
मूलनिवासी संघ रिवा जिला यूनिट के अध्यक्ष एड रोहिणी कुशवाहा के नेतृत्व में यह ज्ञापन दिया गया। उन्होंने कहा कि मूलनिवासी संघ ओबीसी, एससी, एसटी और मूलनिवासी धार्मिक अल्पसंख्यक के हकाधिकारों के लिए संघर्ष करने वाला राष्ट्रव्यापी संगठन है। मूलनिवासी ओबीसी के हकाधिकारों के लिए हम देशभर में मूलनिवासी बहुजन समाज की संगठित ताकत खड़ी कर रहे हैं। हम जातियों में बिखरे हैं और असंगठित है। यही हमारी समस्याओं का कारण है।
इस अवसर पर इस अवसर पर पीपीआईडी लीगल सेल के प्रदेश अध्यक्ष एड आर एस वर्मा, मूलनिवासी संघ के जिला उपाध्यक्ष एड संतोष पटेल, मूलनिवासी विद्यार्थी संघ की लीगल एडवाइजर एड आकांक्षा और एड महेश पटेल, मा अवधेश कुशवाहा एवं मा सागर विश्वकर्मा उपस्थित थे।







