NEET में OBC आरक्षण : मप्र के विभिन्न जिलों से भारत के राष्ट्रपति को ज्ञापन

OBC NEET Quota : मूलनिवासी संघ द्वारा विभिन्न जिलों से राष्ट्रपति को ज्ञापन दिए गए।

मूलनिवासी संघ द्वारा विभिन्न जिलों से राष्ट्रपति को ज्ञापन दिए गए।

आखिर केंद्र सरकार ओबीसी के अधिकारों को लेकर दोहरा मापदंड क्यों अपना रही है? यह सवाल अब पुरे देश भर से पूछा जा रहा है। आपको बता दें कि NEET परीक्षा में केंद्र सरकार ने राज्य के कोटे से केंद्र के हिस्से में ओबीसी को आरक्षण नहीं दिया है। जिसको जिसको लेकर हजारों ओबीसी विद्यार्थी अपने संवैधानिक प्रतिनिधित्व से वंचित रह रहे हैं। इसको लेकर पुरे देश भर से संवैधानिक मार्ग से विरोध हो रहा है।

ओबीसी, एससी, एसटी का प्रतिनिधित्व करने वाले सामाजिक संगठन मूलनिवासी संघ ने इस बारे में देशभर से आवाज उठाई है। देश भर के विभिन्न जिला यूनिटों द्वारा ओबीसी के संवैधानिक अधिकारों को लेकर भारत के राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा जा रहा है।

26 जुलाई 2021 को मूलनिवासी मध्यप्रदेश राज्य इकाई द्वारा विभिन्न जिलों से ज्ञापन प्रेषित किये गए हैं। मध्य प्रदेश के खांडवा, बैतूल, शहडोल, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली आदि जिला यूनिटों द्वारा देश के राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन दिए गए है।

मूलनिवासी संघ ने स्पष्ट मांग की है कि 12 सितंबर 2021 को आयोजित होने वाली मेडिकल में प्रवेश के लिए NEET परीक्षा में ओबीसी का जनसंख्या के अनुपात में प्रतिनिधित्व तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए।

इसके साथ ही Mulnivasi Sangh ने यह भी मांग की है कि भारतीय संविधान की प्रस्तावना में उल्लेखित सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय स्थापित करने हेतु वर्ष 2021 में होने वाली जनगणना के साथ सरकार देश के सभी जातियों का जाति आधारित जनगणना कराना सुनिश्चित करें।

जाति आधारित जनगणना को लेकर अपनी मांग के पक्ष में मूलनिवासी संघ ने कह है कि जाति आधारित जनगणना कराने के उपरांत भारतीय संविधान के अनुच्छेद 16(4) के आधार पर जनसंख्या के अनुपात में प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जाए।

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