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बीते दो जुलाई, दो हजार तेईस को राजस्थान के दौसा जिले में बीएस फोर (भारतीय संविधान, सम्मान, सुरक्षा, संवर्धन ) महा जनजागरण अभियान के तहत बामसेफ एवं इसके सभी ऑफ शूट विंग्स की एक संयुक्त बैठक आयोजित की गई। जिसकी अध्यक्षता बामसेफ के राष्ट्रिय कार्यालय सचिव सह राजस्थान प्रदेश प्रभारी मू ० प्रेम पाल गौतम ने की।
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बीते दो जुलाई, दो हजार तेईस दिन रविवार को सुबह ग्यारह बजे से तीन बजे तक बामसेफ और इसके सभी ऑफ शूट विंग्स की एक संयुक्त बैठक सफलतापूर्वक संपन्न की गई।
यह बैठक राजस्थान के दौसा जिले में स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय भांडारेज – दौसा में हुई।
जिसमे बीएस फोर यानी भारतीय संविधान, सम्मान, सुरक्षा, संवर्धन महा जन जागरण अभियान के विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई।
इस कार्यक्रम में बामसेफ और इसके ऑफ शूट विंग्स राज्य इकाई राजस्थान व राज्य के विभिन्न जिलों के कई पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित हुए।
इस एक दिवसीय कार्यक्रम की अध्यक्षता बामसेफ के राष्ट्रीय कार्यालय सचिव सह राजस्थान राज्य प्रभारी मूलनिवासी प्रेम पाल गौतम द्वारा किया गया। जबकि प्रस्तावना बामसेफ के प्रदेश अध्यक्ष मूलनिवासी जय नारायण प्रकाश जी ने और मीटिंग का संचालन बामसेफ, जिला इकाई दौसा के जिलाध्यक्ष मूलनिवासी रामस्वरूप बैरवा की ने किया।
मिटिंग में मूलनिवासी रामस्वरूप बैरवा ने आयोजित मिटिंग का एजेंडा रखा। एजेंडे के अनुसार उपस्थित वक्तागण जैसे मू. जयनारायण प्रकाश (प्रदेशाध्यक्ष बामसेफ), मू ० बाबू लाल सोगण (प्रदेशाध्यक्ष मूलनिवासी संघ), मू ० रंगलाल मीना, मू० भगवती प्रसाद सैनी, मू० लल्लू लाल बैरवा आदि ने संविधान पर अपने विचार व्यक्त किए।
वक्तगणों ने विशेष रूप से अपने वक्तव्य में संविधान के सम्मान, सुरक्षा और संवर्धन पर बल दिया। बामसेफ के प्रदेशाध्यक्ष ने अवगत करवाया कि दौसा जिले में आगामी तेईस अगस्त में बीएस- फोर के क्लस्टर प्रोग्राम भी निर्धारित है। जिसकी सफलता हेतु सभी साथियों को तन- मन – धन से तुरन्त लगना होगा । इसपर उपस्थित सभी साथियों ने सहमति जताई।
मिटिगं कि अध्यक्षता कर रहे मू ० प्रेमपाल गौतम ने बीएस- फोर राष्ट्रव्यापी महा जनजागरण अभियान पर बोलते हुए कहा कि, जो सामाजिक प्रोग्राम हम लेकर चल रहे हैं , वह जनता का प्रोग्राम है । जिसमें प्रत्येक स्तर पर प्रत्येक सदस्य को अनुशासन में रहना होगा क्योंकि समाज हमसे बहुत कुछ आशा रखता है और शासन की सफलता अनुशासन में छिपी है।
उन्होंने कहा की, हम महापुरुषों की विचारधारा को समाज तक ले जा रहे हैं, जो समता, स्वतंत्रता, बन्धुता व न्याय पर आधारित है। इसलिए विचारधारा को आगे ले जाने वाले व्यक्ति पर ज्यादा जिम्मेदारी है । हमें इस ओर जागरूक रहना पड़ेगा।
उन्होंने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा की, हम सभी लोगों को ज्यादा से ज्यादा संविधान प्रबोधक तैयार करने की जरूरत है। ताकि संविधान के प्रति आम लोग यथा मजदूर, किसान, युवा सहित समस्त स्त्री / पुरुष का एक समान सम्मान हो।
उन्होंने कहा की, संविधान ने सब को कुछ न कुछ जरूर दिया है । जब संविधान के प्रति जनमत होगा तो फिर संविधान की कोई समीक्षा नहीं करेगा न संविधान की प्रतियां कोई जला पायेगा ।






