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बीते छब्बीस नवंबर, दो हजार तेईस यानी संविधान दिवस के अवसर पर बामसेफ के आह्वान पर देश भर में पथ संचलन व गणसभा का आयोजन किया गया । पथ संचलन में मूलनिवासी बहुजन समाज के सैकड़ों साथियों ने हिस्सा लिया, जिसमे महिलाओं की भागीदारी महत्वपूर्ण रही।
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आपको याद होगा बीते बाईस अक्टूबर, दो हजार तेईस को बामसेफ ने महाराष्ट्र के नागपुर में मूलनिवासियों का पहला राष्ट्रीय पथ संचलन का आयोजन किया था।
इस पथ संचलन में बामसेफ और इसके ऑफ शूट विंग्स के सभी पदाधिकारियों और सैकड़ों कार्यकर्ताओं समेत मूलनिवासी बहुजन समाज के कई दिग्गज एक मंच पर उपस्थित थे।
मूल निवासियों के इस पहले राष्ट्रीय पथ संचलन में देश भर से सैकड़ों मूल निवासियों ने हिस्सा लिया था और यह पथ संचलन काफी सफल रहा था।
इस कार्यक्रम के बाद देश भर के विभिन्न जिलों में संविधान दिवस के अवसर पर देशव्यापी पथ संचलन आयोजित करने की योजना बनाई गई।
पूर्व आयोजित योजना के तहत बीते छब्बीस नवंबर, दो हजार तेईस यानी संविधान दिवस के अवसर पर देश भर के विभिन्न जिलों में संविधान के सम्मान में पथ संचलन व गणसभा का आयोजन किया गया।
यह पथ संचलन बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और महाराष्ट्र समेत कई राज्यों के जिलों में आयोजित की गई, जो सफलतापूर्वक सम्पन्न रहीं।
बीएस फॉर के तहत बीते छब्बीस नवंबर यानी संविधान दिवस के अवसर पर आयोजित पथ संचलन व गणसभा में मूलनिवासी महिलाओं, पुरुषों और युवाओं ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया।
कई जगहों में लाउड स्पीकर के साथ पथ संचलन किया गया। जिसमे संविधान और मूलनिवासी महापुरुषों के खूब नारे लगाए गए।
पथ संचलन में उपस्थित मूलनिवासी के हाथो में संविधान की प्रतियां दिखी । साथ ही कई जगहों में संविधान की प्रस्तावना की प्रतियां भी बांटी गईं।






