कोरोना महामारी से निपटने के लिए विभिन्न राज्य सरकारें अपना प्रयास कर रही है। राज्यों में कोरोना अधीक न फैले इसलिए लॉक डाउन के साथ वैक्सीन और उपचार उपलब्ध कराने पर जोर दे रहे हैं।
इसी में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन ने जो कदम उठाया है वह अन्य राज्यों और केंद्र के लिए चुनौती है।
अभी हाल ही में तामिलनाडु सरकार द्वारा एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर यह जानकारी दी गयी की कोविड-19 पर नियंत्रण के लिए वह अपना सुझाव दे सके इसके लिए 13 विधायकों की एक समिति स्थापित की गयी। जिस समिति के प्रमुख मुख्यमंत्री एम के स्टालिन रहेंगे।
इस समिति की मुख्य बात यह है कि समिति में तमिलनाडु विधानसभा में निर्वाचित सभी दलों के प्रतिनिधि है। जिसमें सत्तारूढ़ डीएमके के अन्य विरोधी दलों के नेता है।
यह समिति महामारी पर चर्चा करेगी और सरकार को अपने सुझाव देगी।
आपको बता दें कि लोक विभाग के सचिव इस समिति के सदस्य सचिव होंगे।
तमिलनाडु सचिवालय में 13 मई को सभी दलों के विधायकों की एक बैठक हुयी थी जिसमें इसका प्रस्ताव पारित होता था जिसके आधार पर इसका गठन किया गया।
राज्य में कोरोना की रोकथाम के लिए राजनेता क्या-क्या सलाह देंगे वह सब अपनी जहग है। लेकिन इस प्रकार की पहल की मांग विभिन्न राज्यों और केंद्र में भी होनी चाहिए, यह बात तुरंत मन में आना स्वाभाविक है। इसपर आपकी क्या राय है जरूर बताएं?






