समय की आवश्यकता BS4 महा जनजागरण अभियान।

बामसेफ संगठन का उद्देश्य व्यवस्था परिवर्तन है और व्यवस्था परिवर्तन के लिए भारत का संविधान जहां हमारा मार्गदर्शक है वहीं भारत का संविधान इंसानियत और मानवता का दस्तावेज भी है। भारतीय संविधान में कहीं पर भी हिंसा की जगह नहीं है और बिना हिंसा किए ही हमें जंग जीतनी है।

भारत के संविधान की बात करना आज की परिस्थितियों में बहुत ही जरूरी है।बाबा साहब अम्बेडकर ने भारत का संविधान क्यों बनाया ? अर्थात क्यों लिखा ? उनका क्या उद्देश्य था ? क्या वह उद्देश्य हम प्राप्त कर पाए है ? क्या भारत देश उस लक्ष्य, उद्देश्य को हासिल कर पाया है ? यदि नहीं तो क्यों नहीं कर पाया ? फिर इसके लिए वास्तविक दोषी कौन है ? आज हमें इस बात को समझना होगा तथा देश की जनता को भी समझाना होगा।

आज देश में जो परिस्थितियां निर्माण हुई है, वह क्यों पैदा हुई ? आज देश में इंसानियत के विरोध में, मानवता के विरोध में परिस्थितियां निर्माण हो गई है बल्कि योजनाबद्ध तरीके से इनको बढ़ाया भी जा रहा है। भारत का संविधान इंसानों के लिए है ,शैतानों के लिए नहीं है अर्थात भारत का संविधान देश में इंसानियतवाद की बात करता है।

बामसेफ संगठन बामसेफ की स्थापना के समय से ही संविधानवाद का पक्षधर रहा है,और वर्ष 2018 से तो बामसेफ संगठन ने बीएस4 महा जनजागरण अभियान भी चलाया है, यह अभियान जन जागरण का कार्यक्रम है ताकि संविधान विरोधी तत्वों को बेनकाब किया जा सके क्योंकि सत्ता में बैठे लोग संविधान का नाम लेकर ही संविधान विरोधी कार्य कर रहे है,जिससे बड़े पैमाने पर जनता प्रभावित हो रही है,बल्कि यू कहिए कि आम आदमी को रोटी के लाले पड़ गए है। लोगों के रोजगार छीने जा रहे है,बिना चर्चा के ही संसद में कानून बनाए जा रहे है, विपक्ष भी सत्ता पक्ष की गुलामी ढ़ो रहा है। ऐसे में आम आदमी का जीना दुभर हो गया है।

जब सतापक्ष और विपक्ष दोनों ही गैर जिम्मेदार हो जाए,लापरवाह हो जाए या मिलकर के षडयंत्रपूर्वक जनता को ही ठगने लगे तो लोकतंत्र में खतरे में पड़ जाता है। ऐसे में लोकतंत्र और संविधान बचाने की जिम्मेदारी बामसेफ ने ली है,और बामसेफ संगठन ने लोगों में यह जागरूकता अभियान शुरू किया है कि हमें अपने संविधान का सम्मान क्यों करना चाहिए ? हमें अपने संविधान की सुरक्षा क्यों करनी चाहिए ? हमें अपने संविधान को क्यों मजबूत करना चाहिए ? अभी तक भारत का संविधान पूर्ण रूप से लागू क्यों नहीं हुआ ? इसको लागू नहीं करने में किस किस ने बदमाशी की और क्यों की ? इस बात को आम जनता को समझाना होगा । उन्हें बताना होगा कि संविधान जरूरी क्यों है ? संविधान से उन्हें क्या मिला है ? संविधान नहीं रहेगा तो क्या होगा ? भारत का संविधान बेहद ही अच्छा संविधान है लेकिन इसके बावजूद वह अच्छा संविधान क्यों नहीं बन पाया ? यहां बाबा साहब की दी हुई चेतावनी सही सिद्ध हो रही है जो उन्होंने संविधान को लेकर कही थी कि एक अच्छा संविधान भी बूरा साबित होगा यदि उसे चलाने वाले अच्छे लोग नहीं होंगे,तो फिर इस बात से सिद्ध हो रहा है कि संविधान चलाने वाले लोग, सरकार चलाने वाले लोग आज देश में अच्छे लोग नहीं है।
इन लोगों का मुकाबला करने के लिए बड़े पैमाने पर समाज को जागरूक करने की आवश्यकता है।

बामसेफ के राष्ट्रीय अध्यक्ष मान्यवर एन गंगाधर जी ने गत वर्ष के राष्ट्रीय अधिवेशन में अपने संबोधन में संविधान की रक्षा करने की अपील की थी, उन्होंने अपने संबोधन में कहा था कि हमें अपने संविधान की रक्षा क्यों करनी चाहिए ? क्योंकि संविधान खतरे में है । ब्राह्मणवादी ताकतें अपनी सभी प्रकार की ऊर्जा का उपयोग भारत के संविधान को बदलने के लिए कर रही है तथा संविधान को बदलने के लिए अपने सभी साधनों को भी लगा रही है। यदि वे अपने प्रयासों में सफल हो जाते है तो हमारे सभी प्रकार के बुनियादी मानवाधिकार, आजीविका, और अस्तित्व के अन्य सभी प्रकार के साधन गायब हो जाएंगे। इन सबके साथ साथ हम अपना स्वाभिमान और सम्मान भी खो देंगे। इसलिए इन सभी चीजों से बचने के लिए हमें अपने संविधान की रक्षा करनी चाहिए और यह हमारी प्रमुख और नैतिक जिम्मेदारी भी है। इसलिए हमें किसी भी कीमत पर अपने संविधान की रक्षा करनी चाहिए।

अधिकांश लोगों को पता ही नहीं है कि संविधान में क्या लिखा गया है ? और क्यों लिखा गया है ? हमारे समाज के बहुत से लोग संविधान को लेकर भावुक शब्दों का इस्तेमाल करते है, भावुक शब्द, भावुक तरीके,या भावनाएं कोई आंदोलन नहीं चला पायेगी,क्योंकि कई बार भावनात्मक के ऊपर तकनीकी अपना प्रभाव डाल कर उस उद्देश्य को धूमिल कर देती है, इसलिए हमें भावनाओं के साथ साथ तकनीकी और तर्क तथा तथ्यों को भी महत्व देना होगा,अन्यथा हम और अधिक पिछड़ जाएंगे। इसलिए हमें यह जानना होगा कि संविधान में क्या लिखा है ? संविधान क्या है ? क्यों लिखा है ? संविधान का उद्देश्य क्या है ? संविधान के कितने भाग है या कितने हिस्से है ,हमें इन सबके बारे में प्राथमिक बातों को सीखना होगा।

बामसेफ संगठन ने गांव गांव जाकर इस संबंध में प्रचार प्रसार करने की योजना बनाई है, इस संबंध में पीपुल्स शोशल एक्शन कमेटियों का गठन किया जाना है तथा इस कार्य के लिए सभी संगठनों के साथियों से भी सहयोग की अपील की गई है।

बामसेफ के 38 वें राष्ट्रीय अधिवेशन में इससे संबंधित एक विषय चर्चा के लिए भी रखा गया है। विषय है:-BS4 के तहत जन सामाजिक कार्य समितियों की स्थापना-प्रगति, चुनौतियां और आगामी कार्यक्रम। यह विषय बामसेफ के राष्ट्रीय अधिवेशन में दिनांक 27 दिसंबर 2021 को चर्चा किया जाएगा।

इस चर्चा के माध्यम से हम अपने आगामी आंदोलनों का रोडमैप तैयार कर सकेंगे और जमीनी स्तर पर अनेक बाधाओं से निपटने में मदद कर सकेंगे। सभी प्रबुद्ध साथियों से निवेदन है कि इस चर्चा स्तर में भाग ले और भारत के संविधान को लागू करवाने, संविधान को बचाने और विकसित/मजबूत करने में अपना योगदान दे।
जय भीम जय मूलनिवासी जय संविधान।


सुरेश द्रविड़
राष्ट्रीय संगठन सचिव
बामसेफ

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