डॉक्टरों के शीर्ष संगठन इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने सरकार को चेतावनी दी है कि कोरोना की तीसरी लहर की पूरी संभावना टाला नहीं जा सकता। लिहाज़ा, किसी तरह की ढिलाई न दी जाए और पर्यटन व तीर्थाटन जैसी चीजों पर कुछ समय के लिए रोक लगा दी जाए।
आईएमए ने कहा कि ‘पर्यटन, तीर्थाटन और धार्मिक उत्साह, सबकुछ ठीक है, पर इन्हें कुछ समय के लिए टाला जा सकता है। धार्मिक अनुष्ठानों और उनमें बड़ी तादाद में लोगों के बेरोकटोक जाने की अनुमति देने से ये कार्यक्रम सुपर स्प्रेडर यानी कोरोना फैलाने के बड़े कारण बन सकते हैं।’
आईएमए ने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि स्वास्थ्य सेवा से जुड़े लोगों और राजनीतिक नेतृत्व के तमाम प्रयासों की बदौलत ही देश कोरोना महामारी की घातक दूसरी लहर से उबर पाया है, ऐसे में हमें ‘लापरवाह’ नहीं होना चाहिए।
आईएमए ने यह बात ऐसे समय कही है जब उत्तर प्रदेश में कांवड़ यात्रा शुरू होने जा रही है और उत्तराखंड समेत कई राज्यों के पर्यटन स्थलों पर सैलानियों की भारी भीड़ उमड़ने लगी है।
डॉक्टरों की इस संस्था (इंडियन मेडिकल एसोसिएशन) ने कहा है कि उपलब्ध वैश्विक साक्ष्यों और किसी भी महामारी के इतिहास को देखते हुए कहा जा सकता है कि तीसरी लहर अपरिहार्य और क़रीब है। लेकिन यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि देश में ज्यादातर हिस्सों में सरकार और लोग, आत्मसंतुष्ट हो गए हैं।
याद दिला दें कि बीते हफ़्ते ही उत्तराखंड हाई कोर्ट ने चारधाम यात्रा को लेकर अप्रैल महीने में सुनवाई के दौरान कहा था कि चारधाम यात्रा को एक और कुंभ नहीं बनने दिया जाएगा। जिसे दूसरी लहर में तबाही लाने के लिए जिम्मेदार माना गया था।








