सम्यक प्रकाशन, दिल्ली के संस्थापक तथा विश्व प्रसिध्द चित्रकार, बौध्द मार्गदर्शक, कुशल वक्ता आदरणीय शांति स्वरूप बौध्द जी का निर्वाण हुआ। उनके निधन से फूले-आंबेडकरी आंदोलन को भारी नुकसान हुआ है। सम्यक प्रकाशन को खडा करने के लिए उनका अथक परिश्रम आंदोलन के लिए बडा योगदान है। सैकडों लेखकों को जोडना, उनसे विविध विषयों पर पुस्तकों को लिखवाना और उसे प्रकाशित कर जन-जनतक पहूंचाने का कार्य उन्होंने सम्यक प्रकाशन के माध्यम से किया। इतना ही नहीं बल्कि बौध्द जगत तथा बहुजन समाज के लिए विविध साहित्य का निर्माण उन्होंने किया। उनकी चित्रकारिता से निर्मित महानायकों और महानायिकाओं के चित्र देशभर में लाखों घरों के दिवारों पर विराजमान हैं। कुछ ही दिन पहले उन्होंने साकेत नगरी के ऐतिहासिक सबूतों को लेकर फेसबुक लाईव के माध्यम से समाज को संबोधित किया था। आदरणिय शांति स्वरुप बौध्द जी ने फूले-आंबेडकरी मिशन के लिए अपना पूरा जीवन न्यौछावर किया। मूलनिवासी बहुजन समाज के समस्त कार्यकर्ताओं ने फूले-आंबेडकरी मिशन का अधूरा रहा कार्य पूरा करने के लिए जान की बाजी लगाकर कार्य करना यही उन्हें सच्ची आदरांजली होगी।
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