आखिर कब मिलेगा देश के खिलाड़ियों को न्याय?

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पिछले कई दिनों से देश के कई एथलीट दिल्ली के जंतर मंतर में भाजपा सांसद और भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह की गिरफ्तारी की मांग को लेकर धरने पर हैं। बताते चलें कि भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगा हैं। लेकिन अभी तक इनकी न ही गिरफ्तारी हुई हैं और न ही उन्हें उनके पद से हटाया गया हैं।

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देश की महिला पहलवानों द्वारा भाजपा सांसद और भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया गया था। जिसके बाद उनकी गिरफ्तारी को लेकर देश के कई एथलीट दिल्ली के जंतर मंतर में धरने पर बैठे हैं।

धरने पर बैठे खिलाड़ियों ने दिल्ली पुलिस पर एफआईआर दर्ज न करने की शिकायत की हैं। जिसे लेकर खिलाड़ी बीते दिनों सुप्रीम कोर्ट पहुंची । कोर्ट ने खिलाड़ियों की शिकायत पर बीते पच्चीस अप्रैल को दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया था। जिसके बाद दिल्ली पुलिस ने बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की बात कही।

बताते चलें कि बृजभूषण पर महिला पहलवान खिलाड़ियो का यौन उत्पीड़न का आरोप लगा हैं। पिछले हफ्ते एक नाबालिग सहित सात महिला पहलवानों ने बृजभूषण के खिलाफ यौन उत्पीड़न और आपराधिक धमकी का आरोप लगाते हुए अलग-अलग पुलिस शिकायतें दर्ज करवाई है।

बीते इक्कीस अप्रैल को दर्ज की गई पुलिस शिकायतों में पहलवानों ने यौन उत्पीड़न के कई उदाहरणों का हवाला दिया है, जो साल दो हजार बारह से साल दो हजार बाईस तक हुए हैं।

शिकायत कर्ताओं ने आरोप लगाया है कि कम से कम चार मौकों पर उत्पीड़न दिल्ली के अशोक रोड पर स्थित बृजभूषण के सरकारी आवास जो डब्ल्यूएफआई यानी भारतीय कुश्ती महासंघ के कार्यालय के रूप में भी काम करता है पर हुआ है। खिलाड़ियों का यह भी कहना है कि उत्पीड़न की घटनाएं भारत के बाहर एक अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट के साथ-साथ घरेलू प्रतियोगिताओं के दौरान भी कई बार हुईं हैं।

फिलहाल महिला पहलवानों के साथ साथ कई अन्य खेल के खिलाड़ी भी दिल्ली के जंतर मंतर में धरने पर बैठे हैं। उनका कहना है कि, जबतक बृजभूषण शरण सिंह की गिरफ्तारी और उनको सभी पदों से नहीं हटा दिया जाता तबतक वे धरने पर रहेंगे।

साथ ही उन्होंने दिल्ली पुलिस पर आरोप लगाया कि, उन्हें दिल्ली पुलिस पर भरोसा नहीं है क्योंकि वे हल्की एफआईआर दर्ज कर सकती है ।

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