जातिवाद का जहर देश के कोने कोने में फैला है। ऊंचे जाति के लोग कहने के लिए खुद को भारतीय लेकिन उनका बर्ताव बिलकुल भी इस देश की मिट्टी का नहीं है। किसी भी कारण से जातिवाद के रोग से ग्रसित लोग झूठे सम्मान के नाम पर अपने से निची जाति के व्यक्ति को जान से मारने तक उतारू हो जाते है। जातिवाद के शिकार लोगों को न्याय मिलाना भी कठिन हो जाता है। ऐसी ही एक बड़ी अमानवीय घटना उत्तराखंड के चम्पावत में हुयी है। यहां एक ऊंची जाति के बारात में इतनी मारपीट की गयी उसकी पिटाई में मौत हुयी। बताया जा रहा है कि उसके दो गुनाह थे एक तो वह निची जाति में जन्मा और दूसरा उसने बारात में अपने हाथों से खुद खाना लेने की कोशिश की।
बारात ऊंची जाति के लोगों की थी मरने वाला व्यक्ति निची जाति का था। मृत व्यक्ति का नाम रमेश राम है । वह उत्तराखंड के चंपावत के देविधुरा में टेलर का काम करता था। देविधुरा के पास केदारनाथ गांव में एक कमरा किराये पर लेकर वहां रमेश राम टेलर की दुकान चलाते थे। रमेश राम के परिवार के अनुसार रमेश राम को इस शादी का न्योता था। शाम को घर पर न आने के कारण फोन करने के बाद किसी ने फोन उठाया की अगले दिन आना। दूसरे दिन किसी ने फोन के जरिए रमेश राम के बेटे को पिता के बेहोशी की हालत में होने की बात बताई। पता चला कि कुछ लोग उसके पिता रमेश को लोहाघाट के अस्पताल में छोड़कर चले गए। चिकित्सकों ने पीड़ित को हल्द्वानी के डा. सुशीला तिवारी राजकीय चिकित्सालय रेफर कर दिया। जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। बताया जाता है मृत रमेश राम की पत्नी की तहरीर पर पाटी थाने में अज्ञात के खिलाफ आइपीसी की धारा 302 तथा एससी, एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है।
इस घटना से उत्तराखंड में जगह जगह से प्रतिक्रियाएं आनी शुरू हुई है। अनुसूचित जाति आयोग पर भी दबाव बाद रहा है। जातीय हिंसा के मामलों में अक्सर मामले को रफा-दफा करने कि अनेकों बातें सामने आई है। जातिवादी लोगों को बचाने की पहल होती है। इस बात को ध्यान में रखकर पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने और और जातीय अत्याचार की घटनाओं को रोकने के लिए मूलनिवासी संघ आगे आया है।
मूलनिवासी संघ के राज्य अध्यक्ष सुधीर कुमार और कार्यकर्ताओं ने मृतक रमेश राम के परिवार से भेंट की। मूलनिवासी संघ ने पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने हेतु रमेश राम के के मौत को लेकर तुरंत जांच करके हत्यारों की गिरफ़्तारी व उनपर मुकदमा दायर करके कानून के दायरे में कड़ी से कड़ी सजा दिए जाने की मांग की है। इसके लिए मूलनिवासी संघ ने प्रत्येक जिले के जिलाधिकारी के द्वारा ज्ञापन भी दिया है।
मूलनिवासी संघ के राज्य अध्यक्ष सुधीर कुमार ने पीड़ित परिवार को आश्वासन दिया कि मूलनिवासी संघ न्याय का पक्ष लेकर उनके साथ खड़ा है, न्याय दिलाने के लिए मूलनिवासी संघ हर सम्भव संघर्ष करेगा। यदि प्रशासन से तुरंत कारवाई नहीं हुई तो राज्यव्यापी आन्दोलन किया जायेगा।
सुधीर कुमार के साथ उपस्थित प्रतिनिधि मंडल में मूलनिवासी कर्मचारी कल्याण महासंघ के राज्य महासचिव, आर. एन. दोहरे, पीपल्स पार्टी ऑफ इंडिया डेमोक्रेटिक के राज्य महासचिव हरीश मौर्या और मूलनिवासी संघ के कार्यकर्ता अमित कुमार, राजा गौतम आदि उपस्थित थे।







