लक्ष्मी विलास बैंक के डूबने से पहले भाजपा नेता ने बेच डाले शेयर?

हाल ही में रिज़र्व बैंक ओफ़ इंडिया ने लक्ष्मी विलास बैंक को 1 महीने के मोरोटोरियम पर डाल दिया है। जिसके बाद ग्राहकों ने पैसा निकालने के लिए बैंक की शाखाओं में भारी भीड़ की। अब BDS बैंक में लक्ष्मी विलास बैंक का विलय करने की खबरें आने लगी। कहा जा रहा है कि DBS ने इसके लिए प्रॉसेस भी शुरू कर दी है। लेकिन सबसे चौकाने वाली बात यह है कि भाजपा के एक नेता ने बैंक डूबने से पहले ही इस बैंक के सारे शेअर्स बेच डाले है।

उस नेता का नाम है राजीव शेखर। ये वर्तमान में भाजपा के राज्य सभा सांसद है। इनकी ज्यूपिटर कैपिटल एक फाइनेंशियल सेवाएं देने वाली संस्था है। इसने मीडिया, एंटरटेनमेंट, टेक्नॉलजी, रियल एस्टेट, हेल्थ और हॉस्पिटेलिटी सेक्टर्स में निवेश किया है। बिज़नेस टुडे ने इस फ़र्म से जुड़ा एक डेटा रिलीज़ किया है। जिसमें उन्होंने ज्यूपिटर कैपिटल के शेयर होल्डिंग पैटर्न को दर्शाया है।

इस डेटा के अनुसार-

ज्यूपिटर कैपिटल के पास सिंतबर, 2014 में लक्ष्मी विलास के 30,39,393 शेयर्स थे।जो कि कंपनी के पोर्टफ़ोलियो का 1.7% था।

इन शेयर्स की संख्या सितंबर, 2015 में बढ़कर 40,06,917 हो गई। जो कि कपनी के पोर्टफ़ोलियो का 2.23% था।

लेकिन फिर जून, 2020 में ये फिर से घट गए और 36,25,423 हो गए। मतलब कम्पनी के पोर्टफ़ोलियो का 1.08% ही रह गए।

अब मीडिया में चर्चा है की पिछले 2 साल से लक्ष्मी विलास बैंक का कारोबार ठप है। जिसे राजीव शेखर ने पहले ही भाप लिया। और हो सकता है की उनके पास के लक्ष्मी विलास बैंक के शेअर्स पहले ही बेच दिए हो।

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