देश के तमाम किसान संगठन मोदी सरकार द्वारा पारित कृषि कानुनों के खिलाफ 3 नवंबर को देशव्यापी आंदोलन छेड़ने जा रहे हैं। देश के विभिन्न राज्यो के किसनों के संगठनों ने एक बैठक कर के यह निर्णय लिया है। इस आंदोलन में वे राष्ट्रव्यापी चक्का जाम करेंगे। सम्पन्न हुई इस बैठक में हरियाणा, पंजाब, राज्यस्थान, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश सहित विभिन्न हिस्सो के किसान नेताओं ने भाग लिया।
हरियाना के भारतीय किसान यूनियन प्रमुख गुलनाम सिंह माध्यमों से बात करते हुए बातया कि यह बैठक किसनों की भविष्य की रणनीती पर चर्चा करने के लिए बुलाई गई थी।
साथ ही उन्होंने काहा बिते कुछ दिनो से हरियाणा और पंजाब के लोग कृषी विधेयको के विरोध में प्रदर्शन कर रहे हैं। सरकार का ध्यानकर्शन करने के लिए इसे अन्य राज्यो में लागू करने आवश्यकता है। जिससे केंद्र सरकार अपने काले कानूनों को वापस लेने में मजबूर हो जाए।
उन्होंने आगे कहा कि वे 3 नवंबर को सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक देशव्यापी चक्का जाम करेंगे । इस दौरान विभिन्न राजमार्ग तथा अन्य सडके बंद करेंगे। कृषि उपज व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन और सुविधा) बिल, आवश्यक वस्तु (संशोधन) बिल, मूल्य आश्वासन तथा कृषि सेवाओं पर किसान (सशक्तिकरण और संरक्षण) समझौता बिल यह वो तीन बिल हैं जिस के विरोध में किसान आंदोलन छेड़ने जा रहे हैं। राष्ट्रपती रामनाथ कोविंद की तरफ से इन विधेयकों को स्विकृती प्रदान कर दी , जिसके बाद ये कानून बन गए।








