जातिवादी मानसिकता ने ली एक और मासूम की जान?

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खबर झारखंड के धनबाद जिले की है जहा के संत जेवियर्स स्कूल में पढ़ने वाली सत्रह वर्षीय छात्रा ने स्कूल में द्विज शिक्षिका द्वारा किए गए अपमान से आहत हो कर सुसाइड कर लिया। इस मामले में एक सुसाइड नोट भी मिला हैं, जिसमे पीड़िता ने बताया की कैसे वो स्कूल में हुए अपमान से आहत थी।

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मामला बीते ग्यारह जुलाई, दो हजार तेईस की हैं। सुबह मूलनिवासी बहुजन समाज की एक छात्रा अपनी स्कूल यूनिफॉर्म में स्कूल जाती हैं। लेकिन उसे क्या पता था? की स्कूल में उपस्थित द्विज मानसिकता के लोग उनके साथ ऐसा व्यवहार करेंगे जिससे आहत होकर वो सुसाइड करने पर मजबूर हो जायेगी।

मामला झारखंड के धनबाद जिले के तेतुलमारी थाना की है जहा तेतुलमारी स्थित संत जेवियर्स स्कूल की दसवीं कक्षा में पढ़ने वाली सत्रह वर्षीय छात्रा ने स्कूल के द्विज शिक्षिका सिंधु झा द्वारा किए गए अपमान से आहत होकर सुसाइड कर लिया।

खबर के मुताबिक इस मासूम का कसूर बस इतना था की वो माथे पर बिंदी लगाकर स्कूल पहुंच गई। जिससे स्कूल की शिक्षिका सिंधु झा ने उसे थप्पड़ जड़ दिया और उसे पूरे स्कूल के सामने अपमानित किया।

इस मामले में कसूर सिर्फ उस बिंदी का नहीं हैं। बल्कि पीड़िता के नाम पर लगा वो जाति भी है, जिसकी वजह से स्कूल में उन्हें अपमानित किया गया ।

आपको बताते चले पीड़िता का नाम उषा बाउरी था। जो अनुसूचित जाति से संबंध रखती थी। इस बच्ची के पिता नहीं हैं।

मिली जानकारी के मुताबिक नाबालिग के यूनिफॉर्म में एक सुसाइड नोट भी मिला हैं, जिसमे बच्ची ने अपनी मौत के पीछे का कारण बताया हैं।

सुसाइड नोट में पीड़िता बताती हैं की, कैसे स्कूल की शिक्षिका सिंधु झा ने इस बेचारी को पूरे स्कूल के सामने थप्पड़ मारा और अपमानित कर के स्कूल से निकाल दिया।

वे सुसाइड नोट में लिखती है की, मैं इस बेज्जती को नहीं सह पा रही हूं। जिसके लिए मैं खुदखुसी कर रही हूं। शिक्षिका का नाम सिंधु मैडम है और स्कूल के प्रधानाध्यापक का नाम आर० के० सिंह हैं। मेरी खुदखूसी करने की वजह सिर्फ और सिर्फ सिंधु मैडम हैं।

मृतक ने यह नोट तेतुलमारी पुलिस को लिखा हैं। साथ ही उसने पुलिस से यह निवेदन किया है की, मेरे इस समस्या पर गौर करे और मेरे मरने के बाद सिंधु मैडम पर जल्द से जल्द कार्यवायी की जाए।

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