हरियाणा के सिरसा जिले की ऐलनाबाद विधानसभा सीट पर 30 अक्टूबर 2021 को उपचुनाव के लिए वोटिंग होगी। जैसे जैसे मताधिकार की तारीख नजदीक आ रही है वैसे वैसे सभी पार्टियां अपना जोर लगा रही है।
हरियाणा में विपक्ष नेता रह चुके अभय सिंह चौटाला ने ऐलनाबाद विधायक पद से इस्तीफा देने के कारण यहां उपचुनाव हो रहा है। अभय सिंह चौटाला ने कथित रूप से तीन कृषि कानूनों के विरोध में ऐलनाबाद विधानसभा सीट से इस्तीफा दे दिया था।
आपको बता दें कि ऐलनाबाद के कई गावों में ऐसे कई पोस्टर दिखाई पड़ते हैं जिसपर लिखा है कि “बीजेपी, जेजेपी व इनकी सहयोगी पार्टी का पूर्ण रूप से बहिष्कार”. किसान संगठनों के नाम से लगाए गए इन बैनरों पर बीजेपी और जेजेपी के नेताओं को प्रचार को विरोध किया गया है।
ऐलनाबाद का विधासभा का यह उपचुनाव इस बार इसलिए भी चर्चा में हैं क्योंकि यहां पीपल्स पार्टी ऑफ इण्डिया (पीपीआईडी) ने भी उम्मदीवार खड़ा किया है। राष्ट्रपिता ज्योतिबा फूले, सर चौधरी छोटूराम, डॉ बाबासाहेब आंबेडकर के विचारों पर चलने वाली इस पार्टी ने “मूलनिवासी दलबीर (माघोसिंघाना वाले)” को उम्मीदवारी दी है। दलबीर (माघोसिंघाना वाले) चुनाव आयोग की ओर से क्रमांक 5 पर “फलों की टोकरी” चुनाव चिन्ह दिया गया है।
दलबीर (माघोसिंघाना वाले) के प्रचार में पीपीआईडी के कार्यकर्ता गांव-गांव घर-घर प्रचार कर रहे हैं। पिछले कई दिनों से प्रचारकार्य चल रहा है। जिसमें लोगों को प्रत्यक्ष मिलकर पार्टी की भूमिका बताने पर जोर दिया जा रहा है।
हाल ही में पीपीआईडी के उम्मीदवार भाई दलबीर सिंह के साथ कार्यकर्ताओं ने मलेकान, ठोबरिया, तलवाडा, ऐलनाबाद, भोतवाला, कुताबड़ आदि गांवों का दौरा किया। प्रचारकार्य में कार्यकर्ताओं ने पाया की क्षेत्र में बीजेपी और जेजेपी तथा अन्य बड़ी पार्टियों के खिलाफ लोगों में गुस्सा और नफ़रत बढ़ गयी है।
जैसे-जैसे सर चौधरी छोटूराम, राष्ट्रपिता ज्योतिबा फूले और डॉ बाबासाहेब आंबेडकर के विचारों के बारे में लोगों जानकारी हो रही है वैसे वैसे बीजेपी, जेजेपी और कांग्रेस जैसी पार्टियों के नेताओं के सामने सवाल खड़े हो रहे हैं।
ऐसे में पीपीआईडी के दलबीर (माघोसिंघाना वाले) ने क्षेत्रवासियों को यह निवेदन किया है कि पिछले कई वर्षों से आपने बीजेपी, जेजेपी और कांग्रेस जैसी पार्टियों को झेला है, परिवारवादी, अलोकतांत्रित नेताओं को झेला है। इन्होने मूलनिवासी बहुजन किसान मजदूर, महिला बालक के हक़ अधिकारों को नजरअंदाज किया है। भारत जैसे महान देश में लोगों के विकास के लिए 70 वर्ष बहुत हैं लेकिन इस देश में लोगों का विकास नहीं बल्कि कुछ मुट्ठीभर परिवारों का और पूंजीपतियों का विकास हुआ है।
आपको बता दें कि पीपीआईडी की ओर से पार्टी का घोषणा पत्र भी जारी किया गया है। दलबीर (माघोसिंघाना वाले) ने एक पत्रक के जरिये नागरिकों से निवेदन किया है कि 30 अक्टूबर को मताधिकार का प्रयोग करते हुए वोटिंग मशीन पर क्रमांक 5 पर “फलों की टोकरी” चुनाव चिन्ह पर बटन दबाएं।
इस जानकारी पर आपके विचार कमेंट बॉक्स में जरूर लिखें। एमएनटी न्यूज नेटवर्क को फेसबुक पर लाइक और फॉलो करें और यूट्यूब पर सब्स्क्राइब जरूर करें, साथ ही बेल आइकॉन को भी ऑन करें ताकि आपको अपडेट्स मिलते रहें।
जय भीम जय मूलनिवासी जय भारत जय संविधान








