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भारत में बेरोजगारी का आलम क्या हैं? यह किसी से छुपी नहीं हैं। चाहे वो शिक्षकों की हो या डिफेंस क्षेत्र में हो या अन्य किसी सार्वजनिक क्षेत्रों में। हर जगह हजारों पद खाली पड़े हैं। बेरोजगारी की बदहाल स्थिति का अंदाजा बस इस बात से लगाया जा सकता है की बीते दिनों साढ़े बारह हजार शिक्षकों की भर्ती निकाली गई जिसके दो से तीन दिनों में पचपन हजार से अधिक अभ्यर्थियों ने आवेदन कर दिया।
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आज यह कहना गलत नहीं होगा की भारत दुनिया का सर्वाधिक युवाओं वाला देश होने के साथ साथ दुनिया का सर्वाधिक युवा बेरोजगारों वाला देश भी हैं।
आज इस देश में सैकड़ों योग्य युवा हाथो में डिग्रियां लिए काम की तलास में हैं, लेकिन उन्हें उनकी योग्यता के हिसाब से काम मिलना लगभग नामुमकिन हैं। यह स्थिति तब है जब देश के विभिन्न सार्वजनिक क्षेत्रों में लाखो पद खाली पड़े हैं।
इस देश में काम की तलास कर रहे योग्य युवाओं की संख्या का अंदाजा बस इस बात पर लगा सकते हैं की बीते दिनों छत्तीसगढ़ में शिक्षकों के बारह हजार भर्ती के विज्ञापन निकलते ही बस दो से तीन दिनों में पचपन हजार से अधिक आवेदन प्राप्त हो गए।
बताते चले की छत्तीसगढ़ में पिछले तीन सालो से विभिन्न भर्तियां अटकी हुई थी। तीन साल बाद बीते छह मई, दो हजार तेईस को बारह हजार शिक्षकों की भर्तियां निकाली गई। जिसमे सहायक शिक्षक, शिक्षक और व्याख्याता के पद शामिल हैं।
मिली जानकारी के मुताबिक इन पदो के लिए बीते आठ मई, दो हजार तेईस तक पचपन हजार से अधिक आवेदन प्राप्त हो गए। और लगातार आवेदन प्राप्त हो रहे हैं। ये वह लोग हैं जो इन पदो के लिए सालो से योग्य थे। लेकिन सरकार भर्तियां रोकी हुई थी।
इन पदो मे आठ मई , दो हजार तेईस की शाम तक सबसे अधिक आवेदन सहायक शिक्षक के पदो पर आया हैं। जिसके बाद सबसे अधिक शिक्षक और व्याख्याता के पद के लिए आवेदन प्राप्त हुए हैं।
आंकड़े देखे तो सहायक शिक्षक पद के लिए सताइस हजार सात सौ चालीस (27740), शिक्षक पद के लिए तेईस हजार चार सौ बाइस (23422) और व्याख्याता के पद के लिए चार हजार आठ सौ छियासठ (4866) आवेदन बीते आठ मई की शाम तक जमा हो गए थे।







