कोरोना महामारी की वजह से भारत में कई राज्यों ने लॉक डाउन लगाए। कुछ राज्यों में अभी कुछ हद तक ढील दी जा रही है। कोरोना महामारी के कारण अगर कार्यालयीन कामकाज छोड़ दिए जाए तो लोगों का आपस में मिलना-जुलना न के बराबर है। स्कूल कॉलेज भी अभी शुरू नहीं है। स्कूल और कॉलेज ने पढाई के लिए ऑनलाइन तरीका अपनाया है। कई ऑफिसेस की मीटिंगे भी ऑनलाइन हो रही है। हालांकि कार्यक्रमों के अंमल के लिए प्रत्यक्ष ही काम करना होता है।
आपको बता दें कि ऑनलाइन तरीका कोई नया नहीं है। टीवी और रेडियो के माध्यम से दर्शकों श्रोताओं के साथ किया जानेवाला संवाद भी ऑनलाइन की ही श्रेणी में आता है। लेकिन अब सोशल मीडिया और इंटरनेट की सुविधा अब लगभग हर एक स्मार्ट फोन धारकों के पास होने के कारण अब खबरें टीवी पर देखने की जगह जब चाहे फोन पर देख लेते हैं। ऑनलाइन संवाद भी बढ़ गया है। लोग फोन कॉल की जगह अब वीडियो कॉल का इस्तेमाल कर रहे हैं।
इसी ऑनलाइन वीडियो कॉलिंग और मीटिंग की सुविधा का इस्तेमाल संविधान जागृति के लिए भी किया जा रहा है। महाराष्ट्र में नंदुरबार जैसे अत्यंत पिछड़े जिले में गांव-गांव तक संविधान जागृति के लिए भारतीय संविधान सम्मान सुरक्षा एवं संवर्धन (बीएसफोर) के तहत से प्रयास किये जा रहे है। तहसील स्तर पर ग्रुप बनाकर ऑनलाइन मीटिंगों का आयोजन करके उसमें विभिन्न गावों के लोगों के साथ संविधान को लेकर विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हो रही है। बीएस-4 महा अभियान के तहत लोगों को जागृत कर के संविधान तेजी से और सही तरीके से लागू करने के लिए लोक सामाजिक करवाई अर्थात पीपल्स सोशल एक्शन की आवश्यकता बताई जा रही है।
खानदेश विभाग के नंदुरबार में बीएस-4 महा अभियान के अंतर्गत ऑनलाइन जागृति बैठकों का आयोजन हुआ। इस कार्यक्रम का उद्घाटन महाराष्ट्र राज्य केंद्र प्रमुख मा. एस एम पाटिल द्वारा किया गया। धुडकू पवार ने कार्यक्रम की प्रस्तावना रखी। कार्यक्रम में संविधान प्रचारक तथा बामसेफ के राज्य कार्यकारिणी सदस्य इरफान अली सैयद ने मार्गदर्शन पर कहा कि भारतीय संविधान की वजह से ही हमारा देश संगठित है। भारत, आजादी से पहले और संविधान बनने से पहले अलग-अलग छोटे बड़े संस्थानों और रियासतों में बंटा हुआ था। देश के स्वतंत्र होने के बाद भारतीय संविधान का निर्माण हुआ और सभी संस्थानों और छोटे राज्यों को मिलकर भारतीय संघ राज्य का गठन किया। इस देश के लोगों के हक अधिकारों का पूरा ख्याल संविधान में किया गया है। आज हमें जो कुछ भी अधिकार मिल रहे हैं वह संविधान की वजह से मिल रहे हैं।
आपको बता दें कि पिछड़े और अल्पसंख्यक वर्ग के कर्मचारियों का राष्ट्रीय संगठन बामसेफ और उसके ऑफशूट विंग्स के कार्यकर्ता देश भर में भारतीय संविधान जनजागृति कर रहे हैं। संगठन के द्वारा महाराष्ट्र में बीएस-4 महाअभियान के अंतर्गत ऑनलाइन जागृति बैठकों का आयोजन किया जा रहा है। प्रत्येक जिला यूनिटों में सामाजिक कार्यकर्ताओं के सहयोग से ऑनलाइन मीटिंग आयोजित की जा रही है। राज्य के सभी विभागों में यह कार्य चल रहा है।
संविधान की व्याख्या, भारत के स्वतंत्रता पूर्व और स्वतंत्रता के बाद की परिस्थिति, संविधान सभा, संविधान सभा में विभिन्न समितियों, संविधान निर्मिती प्रक्रिया, संविधानवाद, संविधान अब तक कितना लागू हो पाया, पूरी तरह से लागू क्यों नहीं हुआ, अगर संविधान सही तरीके से लागू होता तो क्या होता, संविधान लागू करने के लिए आगे क्या करने की आवश्यकता है आदि मुद्दों पर इस ऑनलाइन जागृति मीटिंगों में अलग अलग दिन चर्चा होती है।
बामसेफ के कार्यकर्ताओं का कहना है कि अभी लॉक डाउन और कोरोना महामारी की पाबंदियों के कारण थोड़ी समस्याएं आ रही है लेकिन हम जल्द ही गांवों और मुहल्लों में यह बीएसफोर अभियान प्रत्यक्ष रूप से ले जाएंगे।







