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बीते दो जुलाई, दो हजार तेईस को दिल्ली के दक्षिणी पूर्वी जिले के हर्ष- विहार मडोली में संविधान प्रबोधकों का एक दिवसीय कैडर कैंप सफलतापूर्वक संपन्न किया गया । जिसमे प्रशिक्षकों द्वारा संविधान के बारे में विशेष चर्चा की गई।
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बीते दो जुलाई, दो हजार तेईस दिन रविवार को मूलनिवासी जयपाल सिंह के आवास पर संविधान प्रबोधको के प्रशिक्षण के लिए एक दिवसीय कैडर कैम्प का आयोजन किया गया।
कैडर कैम्प को मूलनिवासी एडवोकेट भीम किशोर , मूलनिवासी अमरदीप सिंह और जिलाअध्यक्ष मूलनिवासी गोविन्द स्वरूप जी द्वारा आयोजित किया गया।
प्रशिक्षण में संविधान प्रबोधको को संविधान की अहम बातों की जानकारी दी गई जिसके एक भाग में मुख्य-मुख्य आर्टिकल्स के विषय में मूलनिवासी एडवोकेट भीम किशोर ने जानकारी दी और संविधान की महत्ता के बारे में बताया।
बामसेफ के प्रदेश अध्यक्ष मूलनिवासी सूरज पाल सिंह ने प्रशिक्षण के दौरान बताया की आम जन से लेकर खास जन तक और शिक्षित से लेकर अशिक्षित तक महिलाओ, पुरुषो, छात्रों, कर्मचारी तथा देश के हर नागरिको के लिए संविधान की जानकारी रखना क्यों जरूरी है?
और हमें संविधान ने क्या दिया है?
उन्होंने बताया की संविधान केवल एक दस्तावेज मात्र नहीं है, बल्कि संविधान में लिखित प्रावधान एक बच्चे को मां के गर्भ में जाने से लेकर उसके जीवन के हर चरण केसाथ कदम-कदम पर उसका मार्गदर्शन होता है और उसे कानूनी तोर पर रक्षा भी करता है।
उन्होंने प्रशिक्षण के दौरान बताया कि संविधान प्रबोधक बनकर हम संविधान को एक आमजन को कैसे बताएँ कि संविधान आपको क्या देता है ? जैसे – एक महिला को पुरुषों के समान अधिकार देने का काम संविधान के प्रावधानों के तहत मिले है। एक मजदूर से लेकर एक अधिकारी तक को काम करने के घंटे संविधान के तहत दिए गए प्रावधान के द्वारा निश्चित किये गये है। यदि किसी श्रमिक को काम के बदले उसका वेतन नही दिया गया है तो उसके हित की रक्षा के लिए श्रम कोर्ट बनाए गए है।
महिलाओं को बच्चे के जन्म के दौरान उसके लालन पालन के लिए सविधान द्वारा मातृत्व अवकाश ( मैटरनिटीलिव) दिया जाता है।
बेरोजगारों को रोजगार देने के लिए सरकार को बहूत सारी योजनाएँ बनानी पड़ती है । स्वास्थ के लिए बहूत सारी सरकारी अस्पताल खुलवाएं गए है, गरीबो को न्याय दिलाने के लिए सरकारी वकील मुहैया करावाएं गए है, शिक्षण के लिए सरकारी स्कूलो की व्यवस्था किया गया हैं जो संविधान की ही देन हैं।
उन्होंने कहा की, पानी के लिए डा. भीम राव अम्बेडकर को चवदार तालाब पर आन्दोलन करना पड़ा था। लेकिन आज सभी के लिए पीने के पानी की व्यवस्था करना सरकार का काम होगा ये प्रावधान संविधान में दिया गया है और इसके अलावा बहुत सारे प्रावधान संविधान में किये गये है जिनके तहत सरकार बाध्य है ।
उन्होंने कहा की, इस सब की जानकारी आमजन तक सरल भाषा में पहुंचाने का काम संविधान प्रबोधक करेगें। संविधान प्रबोधक बनकर आम जनतक शिक्षा के महत्व को बताना, और विधान एवं संविधान की जानकारी देना और संविधान लागू होने से पहले की स्थिति और आज की स्थिति के बारे में बताना है।








