आईआईटी खड़गपुर की प्रोफेसर सीमा सिंह पर एट्रोसिटी के तहत मामला दर्ज

IIT Kharagpur, Prof Seema Singh, Caste Atrocity

उच्च शिक्षा संस्थानों में जातिवादी मानसिकता
आईआईटी खड़गपुर की प्रोफेसर सीमा सिंह के खिलाफ एट्रोसिटी के तहत मामला दर्ज
पिछले माह ऑनलाइन क्लास में दे रही थी भद्दी गलियां
देशभर से फूटा गुस्सा और हुयी आलोचना 
 

करीब 128 छात्रों की ऑनलाइन प्रिपेटरी क्लास में छात्रों को अंग्रेजी में भद्दी भद्दी गालियां देने वाली और छात्रों को उनके 20 मार्क्स में से ज़ीरो देने की धमकी देनेवाली आईआईटी खड़गपुर की प्रोफेसर सीमा सिंह पर एससी/ एसटी अत्याचार अधिनियम के तहत पुलिस थाने में केस दर्ज की गयी है।

26 अप्रैल 2021 को सोशल मीडिया पर आईआईटी खड़गपुर के ऑनलाइन क्लास का एक वीडियो वायरल हुआ। जिसमें यह सुनाई पड रहा है कि वह गुस्से से बोल रही है कि नेशनल एंथम के लिए दो मिनट खड़े नहीं रह सकते और भारत माता की जय बोल रहे हो।

आपको बता दें कि प्रोफेसर सीमा सिंह का गुस्सा पूरी क्लास पर फूटा और वह अंग्रेजी में गालियां देने लगी। सीमा सिंह ने यहां तक कहा कि मेरे पास आपके  20 मार्क्स है, मैं आपको जीरो दे दूंगी, क्या आप यह चाहते हो?

इसके बाद सोशल मीडिया पर और देश की सभी आईआईटी से कड़ी प्रतिक्रिया उभरी. खास करके एससी/ एसटी और अल्पसंख्यक छात्रों से कड़ी प्रतिक्रिया सामने आयी. 

काफी दिन बीत जाने के बाद मामला एससी/ एसटी अत्याचार अधिनियम के तहत दर्ज किया गया.  यह जानना जरूरी है कि क्यों यह मामला मामला एससी/ एसटी अत्याचार अधिनियम के अंतर्गत दर्ज हुआ?

सीमा सिंह आईआईटी खड़गपुर के मानविकी विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर हैं. वह ऐसे छात्रों की कक्षाएं लेती हैं जो शारीरिक अक्षमता और आरक्षित वर्ग के हैं। आरक्षित वर्ग के ऐसे छात्र जो कट-आफ के करीब हैं, मगर उन्हें सीट नहीं मिल पाई हैं, उनके लिए प्रीपेटरी कक्षा लगाई जाती हैं। जो छात्र यहां पर बेहतर प्रदर्शन करता है, उन्हें अगले साल आईआईटी में प्रवेश दिया जाता है।

आपको बता दें कि जिन 128 छात्रों की ऑनलाइन क्लास हो रही थी वह अंग्रेजी की प्रिपरेटरी क्लास थी और इसमें अधिकतर एससी, एसटी, ओबीसी और शारीरिक रूप से विशेष (दिव्यांग) छात्र थे.      

इस वीडियो के साथ और एक वीडियो क्लिप किसी छात्र छात्र की ओर से  रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर पोस्ट की गयी, जिसमें  प्रोफेसर सीमा सिंह जातीय मानसिकता से कहती है कि तुम कही भी जाओ वीमेन चाइल्ड मिनिस्ट्री, एससी एसटी माइनॉरिटी मिनिस्ट्री कोई मुझे रोक नहीं सकता कि मुझे आपके बारे में क्या करना है. इस वाक्य से पता चलता है कि प्रोफेसर सीमा सिंह को पता था कि वह किन छात्रों को यह बोल रही थी। 

आपको बता दें कि जातिवाद की मानसिकता देश में हर जगह मौजूद है। उच्च शिक्षा संस्थानों में एससी, एसटी, ओबीसी और अल्पसंख्यक छात्र इस पर कई वर्षों से आवाज उठाते आ रहे हैं। आईआईटी वर्तमान और पूर्व छात्रों ने #End_Casteism_in_IIT यह कैम्पेन शुरू किया है।

आपको बता दें कि 29 अप्रैल को 1000 से ज्यादा आईआईटी एलुमनी ने आईआईटी खड़गपुर के डाइरेक्टर वी के तिवारी को खत लिखकर प्रोफेसर सीमा सिंह के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।

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