जौनपुर जिले के विभिन्न गांवों में जागृति शिविर सफलतापूर्वक संपन्न।

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बीएस फॉर यानी भारतीय संविधान, सम्मान, सुरक्षा, संवर्धन राष्ट्रव्यापी महा जन जागरण अभियान के तहत बीते अठाईस मार्च, दो हजार चौबीस को जौनपुर जिले के विभिन्न गांवों में जागृति शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें मूलनिवासियों ने बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया। जिसमें महिलाओं की भागीदारी महत्वपूर्ण रहीं।

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बीते अठाईस मार्च, दो हजार चौबीस दिन गुरुवार को उत्तर प्रदेश के जिला जौनपुर में स्थित ग्राम सभा कोठवार ब्लॉक करंजाकला और ग्राम सभा सुल्तानपुर में जागृति शिविर का आयोजन किया गया।

भारतीय संविधान, सम्मान, सुरक्षा, संवर्धन राष्ट्रव्यापी महा जन जागरण अभियान के तहत आयोजित इन दोनो कार्यक्रमों में मूलनिवासियों ने बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया।

अठाईस मार्च की सुबह ग्यारह बजे ग्राम सभा कोठवार ब्लॉक करंजाकला में निरंतर सतत प्रक्रिया के तहत कार्यक्रम किया गया। जिसकी अध्यक्षता मूलनिवासी संघ के सदस्य मूलनिवासी किशन भारती जी के द्वारा किया गया।

जबकि संचालन मूलनिवासी विद्यार्थी संघ के सदस्य मूलनिवासी बृजेश कुमार जी ने किया।

वही संगठनात्मक बिचार देते हुए मूलनिवासी संघ, पूर्वी उत्तर प्रदेश के पूर्व प्रदेश महासचिव मूलनिवासी
उमेश चंद गौतम, मूलनिवासी संघ जिला इकाई जौनपुर के सदस्य मूलनिवासी मिठाई लाल जादुगर और मूलनिवासी विद्यार्थी संघ के सदस्य मूलनिवासी शक्ति कुमार जी उपस्थित रहें।

इसी दिन यानी अठाईस मार्च को ही दोपहर दो बजे से जौनपुर के ग्राम सभा सुल्तानपुर, ब्लॉक करंजाकला में सतत प्रक्रिया के तहत कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसकी अध्यक्षता मूलनिवासी संघ के सदस्य मूलनिवासी राचपत जी ने किया।

जबकि कार्यक्रम का संचालन मूलनिवासी विद्यार्थी संघ की सदस्य मूलनिवासी पुजा जी द्वारा किया गया।

वही संगठनात्मक विचार देते हुए मूलनिवासी संघ, पूर्वी उत्तर प्रदेश के पूर्व महासचिव मूलनिवासी उमेश चंद गौतम, मूलनिवासी संघ, जिला इकाई जौनपुर के सदस्य मूलनिवासी सोनु कुमार और मूलनिवासी विद्यार्थी संघ के सदस्य मूलनिवासी शक्ति कुमार जी उपस्थित रहें।

दोनो ही कार्यक्रमों में मूलनिवासी बहुजन समाज के युवाओं, पुरुषों और महिलाओं ने बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया। जिसमे महिलाओं को भागीदारी महत्वपूर्ण रहीं।

कार्यक्रम में वक्ताओं ने उपस्थित मूलनिवासियों को संगठन और संगठन की विचारधारा और उद्देश्य से परिचित कराया गया।

वक्ताओं ने कहा कि, मूलनिवासी संघ और मूलनिवासी विद्यार्थी संघ जैसे संगठन फुले – आंबेडकरी विचारधारा पर आधारित संगठन हैं, जो मूलनिवासी बहुजनों की सबसे बड़ी सामाजिक संगठन बामसेफ का हिस्सा हैं।

उन्होंने कहा कि, हम देश भर में विभिन्न कार्यक्रमों के तहत लोगों से जुड़ रहे हैं और उनको फुले-आंबेडकरी विचारधारा से परिचित करा रहे हैं। जिसके बाद मूलनिवासी साथी इस सामाजिक आंदोलन में जुड़ रहें हैं।

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