भाजपा शाषित त्रिपुरा में बेटियां असुरक्षित?

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सौलह वर्षीय नाबालिक से दुष्कर्म में मंत्री के बेटे पर लगा आरोप।

आरोपी को बचाने का भाजपा पर लगा आरोप।

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ख़बर भाजपा शाषित राज्य त्रिपुरा की हैं । जहाँ बीते उन्नीस अक्टूबर दो हजार बाईस को एक नाबालिक के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया जाता हैं। इस मामले में पबियाचेरा से भाजपा विधायक और राज्य के श्रम मंत्री भगवान दास के बेटे का नाम भी सामने आया है। लेकिन सत्ताधारी पार्टी मंत्री के बेटे के बचाव में उतर आई हैं।

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त्रिपुरा में बेटियों के साथ दुष्कर्म के मामले कुछ दिनों से लगातार आ रहे हैं। ख़बर भाजपा शाषित राज्य त्रिपुरा के उनाकोटी जिले से निकल कर आई हैं। जहाँ एक सौलह वर्षीय नाबालिक बच्ची के साथ सामूहिक दुष्कर्म का मामला सामने आया हैं। आरोप है कि इस मामले में मंत्री के बेटे का नाम भी शामिल हैं।

मिली जानकारी के अनुसार घटना बीते उन्नीस अक्टूबर की रात की हैं, जहा नाबालिग लड़की को सड़क से अगवा कर लिया गया, और उसे कुमारघाट अस्पताल के पास तीन मंजिला इमारत में ले जाया गया। पुलिस के बयान के अनुसार, नाबालिग का अपहरण कर सामूहिक दुष्कर्म किया गया और बाद में आरोपियों ने उसे सड़क पर फेंक दिया।

इस मामले में पीड़िता ने बीते बीस अक्टूबर को शिकायत दर्ज कराई जिसमे उसने दो लोगो का नाम भी लिया था। ख़बर के मुताबिक पुलिस ने इस मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया हैं। जिससे पूछताछ चल रही हैं।

वही इस मामले में पबियाचेरा से भाजपा विधायक और राज्य के श्रम मंत्री भगवान दास के बेटे का नाम भी सामने आया है। लेकिन पार्टी पर मंत्री के बेटे को बचाने का आरोप लग रहा हैं। लेकिन सत्ता में बैठी भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने इस आरोपों को खारिज करते हुए इसे एक दुर्भावनापूर्ण अभियान बताया। इस मामले में उनाकोटी जिले के भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि घटना के वक्त मंत्री का बेटा कुमारघाट में नहीं था ।

लेकिन विपक्ष दलो का कहना है कि, मामले के संबंध में पुलिस की जांच पटरी से उतर गई है और असली अपराधी अभी भी पुलिस की पहुंच से बाहर हैं। इस मामले में भाजपा के ही पूर्व विधायक रहे
आशीष कुमार साहा ने दावा किया कि, घटना की जगह मंत्री के बेटे ने किराये पर ली थी। जिस तीन मंजिला इमारत में घटना को अंजाम दिया गया।

उन्होंने कहा कि, स्वाभाविक रूप से आरोपियों की सूची में उसका नाम दर्ज होगा, लेकिन अभी तक पुलिस ने मंत्री के बेटे से पूछताछ के लिए कोई प्रयास नहीं किया।

वही इस घटना के कुछ दिन बाद त्रिपुरा के खोवई जिले में एक आदिवासी लड़की के साथ भी समूहिक दुष्कर्म करने का मामला सामने आया हैं।

पीड़िता द्वारा दर्ज बयान के अनुसार, वह किसी कार्यक्रम से दोस्तों के साथ घर लौट रही थी। तभी नशे में धुत तीन लोगों ने उसे रास्ते में पकड़ा और बंधक बना लिया। पीड़िता के अनुसार, आरोपियों ने सभी लोगों के फोन छीन लिए और उन्हें जाने दिया, लेकिन उसे वहीं रोक कर रखा। इसके बाद आरोपियों ने बारी-बारी से उसका यौन उत्पीड़न किया।’

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