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हाल ही में ईपीएफओ यानि कर्मचारी भविष्य निधि संगठन द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक औपचारिक क्षेत्र की नौकरियों में सौलह फीसदी की गिरावट देखी गयी है । आंकड़ों के मुताबिक अक्टूबर में औपचारिक क्षेत्र में रोजगार सृजन में सितंबर की तुलना में सौलह दशमलव सात फीसदी (16.7%) की गिरावट आई हैं।
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भारत में रोजगार की स्थिति काफी चिंताजनक हैं । चाहे वो औपचारिक क्षेत्र की नौकरियां हो या फिर अनौपचारिक क्षेत्र की नौकरियां।
औपचारिक क्षेत्र की नौकरियों में बीते महीने गिरावट देखी गयी है । आंकड़ों के मुताबिक सितम्बर, दो हजार तेईस की तुलना में अक्टूबर, दो हजार तेईस में औपचारिक क्षेत्र के रोजगार में सौलह दशमलव सात फीसदी (16.7%) की गिरावट देखी गयी हैं ।
हाल ही में ईपीएफओ यानि कर्मचारी भविष्य निधि संगठन द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक अक्टूबर में औपचारिक क्षेत्र में रोजगार सृजन में सितंबर की तुलना में सौलह दशमलव सात फीसदी की गिरावट आई है ।
यही नहीं सीएमआईई यानि सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी द्वारा विचाराधीन महीनों के लिए जारी आंकड़ों ने भी बेरोजगारी दर में बढ़त का संकेत दिया है ।
सीएमआईई (सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी) के उपभोक्ता पिरामिड घरेलू सर्वेक्षण के अनुसार, यह आंकड़ें सितंबर, दो हजार तेईस में सात दशमलव शून्य नौ फीसदी (7.09%) से बढ़कर अक्टूबर, दो हजार तेईस में दस दशमलव शून्य नौ फीसदी (10.09%) हो गई थी ।
बताते चले की, कर्मचारी भविष्य निधि संगठन यानि ईपीएफओ के नवीनतम आंकड़ों के मुताबिक,
जहां सितंबर, दो हजार तेईस में सृजित नौकरियों की संख्या नौ लाख छब्बीस हजार नौ सौ चौतीस (9,26,934) थी, वही अक्टूबर, दो हजार तेईस में यह संख्या घटकर सात लाख बहत्तर हजार चौरासी (7,72,084) रह गई ।
अक्टूबर में कार्यबल में शामिल हुए कुल सात लाख बहत्तर हजार चौरासी (7,72,084) में से लगभग अड़सठ दशमलव सात फीसदी यानि पांच लाख तीस हजार आठ सौ चौरासी (5,30,884) कर्मचारी अठारह से अठाईस (18-28) आयु वर्ग के थे। जबकि आंकड़ों के मुताबिक यह सितंबर के महीने में अड़सठ दशमलव पांच फीसदी था ।








