पाली भाषा के दृढ़ अभ्यासक , धम्मरत्न, धम्मदूत सेवानिवृत्त प्रोफ़ेसर डॉ ० मनीष आनंद जी नहीं रहे। डॉ० मनीष आनंद इनका भुसावल के गोदावरी अस्पताल में निधन हो गया । डॉ० मनीष आनंद डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर मराठवाड़ा विश्वविद्यालय में पाली और बौद्धनीतिशास्त्र विभाग के पूर्व अधिष्ठाता और विभागाध्यक्ष के प्रमुख पद से सेवानिवृत्त थे।
डॉ. मनीष आनंद ने पीएचडी की डिग्री के लिए 14 सितंबर, 1993 में नागपुर विश्वविद्यालय को ” अभिधम्म साहित्य का मानववंशीय अभ्यास ” पर अपना शोध प्रबंध प्रस्तुत किया था। बाद में उन्हें अक्टूबर 1994 में नागपुर विश्वविद्यालय द्वारा पीएचडी की उपाधि प्रदान की गई। डॉ. मनीष आनंद जी ने बौद्ध दर्शन पर कई किताबें और लेख लिखे हैं। उनकी सभी लेखन सामग्री संदर्भ के साथ हुआ करती थी। उन्होंने सम्राट अशोक की 2325 वीं जयंती के अवसर पर 20 अप्रैल को MNT न्यूज नेटवर्क को एक व्याख्यान दिया था। बुद्ध जयंती के संबंध में उनका अगला साक्षात्कार प्रस्तावित था लेकिन समय ने ये लाभ उनसे छीन लिया।
डॉ. मनीष आनंद जी ने मूलनिवासी संगठन के पाक्षिक के लिए सम्राट अशोक की 2325 वीं जयंती के अवसर पर ” प्रबुद्ध विश्व निर्माण कार्य में जनकल्याणाधिकारी चक्रवर्ती सम्राट अशोक का योगदान” पर एक लेख उपलब्ध कराया था। लेकिन लॉकडाउन की स्थिति के कारण, यह पाठकों तक नहीं पहुंच सका। इसके अलावा, डॉ. मनीष आनंद जी द्वारा चंद्रगुप्त मौर्य की 2366 वीं जयंती जो 20 मई 2021 को मनाई जाएगी इसके अवसर पर, ” पिप्पलिवन के मौर्य सम्राट का सत्तात्याग तथा बौद्ध धम्म की ओर यात्रा ।” ऐसा लेख उपलब्ध कराया गया है।
संदर्भ के लिये किताब पढ़ना और समझाना साथ ही दुर्लभ पुस्तकों को खोजना और खरीदना उनका शौक था। डॉ. मनीष आनंद ने बुद्ध के तत्वद्यान के प्रचार – प्रसार के लिए कड़ा संघर्ष किया। लेकिन दोनों नौकरियों में अपर्याप्त कार्यकाल के कारण पेंशन पाने के लिए बुढ़ापे में भी, वे कार्यालय के काम से भुसावल, औरंगाबाद, पुणे, मुंबई आदि के चक्कर काटते रहे ।
डॉ. मनीष आनंद जी के असामयिक निधन से बौद्ध आंदोलन और मूलनिवासी बहुजन समाज को अपूरणीय वैचारिक क्षति हुई है। साथ ही उनके परिवार पर भी दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। इस घड़ी में बामसेफ और सभी ऑफशूट विंग्स उनके परिवार के साथ खड़ा है। और उनके परिवार को साहस शक्ति की संवेदना व्यक्त कर रहा है । धम्मरत्न, धम्मदूत मु ० डॉ. मनीष आनंद जी इनके प्रति बामसेफ संगठन और सभी ऑफशूट संगठन तथा MNT न्यूज़ नेटवर्क परिवार गहरा दुःख व्यक्त करते हुए उन्हें भावभीनी आदरांजलि अर्पित करता है।
जय भीम जय मूलनिवासी।






