“संविधान कार्यान्वयन चेतना” को लेकर 10 अप्रैल को देश भर में हजारों रैलियां

भारतीय संविधान सम्मान सुरक्षा एवं संवर्धन राष्ट्र व्यापी महा जन जागरण अर्थात बीएस4 अभियान के तहत पूरे देश भर में 10 अपैल को रैलियों का आगाज हुआ। भारतीय संविधान कार्यान्वयन और मूलनिवासी बहुजन एकता को लेकर इन रैलियों का आयोजन किया गया।

बीएस4 अभियान के तहत देश भर में भारतीय संविधान कार्यान्वयन और मूलनिवासी बहुजन एकता को लेकर पीपल्स सोशल एक्शन (पीएसए) कमेटियों का गठन किया जा रहा है। इन पीएसए कमेटियों के माध्यम से पूरे देशभर में इन रैलियों का आयोजन किया गया।

इन रैलियों के आयोजन व नियोजन में मूलनिवासी बहुजनों के समविचारी स्थानीय संगठनों ने बढ़चढ़कर सहभाग लिया।

10 अप्रैल 2022 को सुबह 9 बजे से करीब 200 जिलों के विभिन्न जगहों पर यह रैलियां निकाली गई। 200 से अधिक जिलों में करीब हजार से भी अधिक जगहों पर एक ही दिन पर सुबह से ही लोग रैलियों के लिए इकट्ठा हो रहे थे। विद्यार्थी, युवा, महिला और बड़ों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। अनेक कार्यकर्ता अपने परिवार के साथ इन रैलियों में शामिल हुए।

जागृति रैलियों के बाद जगह जगह संगोष्ठियों का आयोजन किया गया। जिसमें कार्यकर्ताओं ने संविधान कार्यान्वयन और मूलनिवासी बहुजन एकता को लेकर अपने विचार रखें। इस मौके पर बच्चों और विद्यार्थियों ने गीत गाएं और संविधान की प्रस्तावना को पढ़ा गया।

“मेरी शान भारत का संविधान”, “डोर-टू-डोर बीएस4”, “बीएस-4 सामाजिक लोकतंत्र की ओर” “संविधान अक्षरशः लागू करो” “दो बातें हैं मोटी मोटी सबको इज्जत सबको रोटी” आदि विभिन्न घोषणाओं को लिखकर कार्डबोर्ड दर्शाए गए तथा संविधान जागृति की घोषणाएं दी गई। कई जिलों में संविधान जागृति प्रदर्शनियां भी लगाई गई।

बहुतांश जगह पैदल मार्च निकाले गए तो कई जगह युवाओं ने मोटरबाइक तथा सायकल मार्च भी किया गया।

देश के कई जिलों के दुर्गम और ग्रामीण इलाकों में भी जोर शोर से रैलियां की गई।

10 अप्रैल 2022 को हुई रैलियों के अवसर पर कई जिलों में संविधान के अक्षरशः कार्यान्वयन को लेकर भारत के राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन भी दिए गए।

इन रैलीयों के आयोजन के पीछे का मकसद संविधान के कार्यान्वयन को लेकर लोगों का ध्यान आकर्षित करना था। भारतीय संविधान के अक्षरशः कार्यान्वयन से ही इस देश के लोगों की समस्याओं का समाधान संभव है। लोगों को आज जो कुछ भी मिल रहा है वह संविधान के बदौलत मिल रहा है। लेकिन लाखों लोग आज भी समस्याओं से ग्रसित है उसका कारण संविधान का अक्षरशः कार्यान्वयन न होना है।

इस राष्ट्रव्यापी रैलियों के आयोजन की खबर मनुस्ट्रीम मीडिया ने नहीं ली लेकिन स्थानीय मीडिया ने अपने स्तर पर इन रैलियों की खबरों को छापा और दिखाया।

प्रत्येक जिले से सोशल मीडिया पर अपनी अपनी रैलियों के फोटो और वीडियो पोस्ट कर रहे थे। फेसबूक, व्हाट्सअप और यूट्यूब पर पूरे देश भर में लाखों लोगों तक जानकारी पहुंची। इन रैलयों की और जानकारी के लिए आप बामसेफ के फेसबूक पेज BAMCEFofficail व BS4Campaign को भेट दे सकते हैं।

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