सामाजिक लोकतंत्र के आधारस्तम्भ

यह तस्वीर ध्यान से देखिए। 1919 की है। यह दिल्ली में ब्रिटिश सरकार द्वारा ली गई एक कॉनफेरेन्स की है।

यह तस्वीर ध्यान से देखिए। 1919 की है। यह दिल्ली में ब्रिटिश सरकार द्वारा ली गई एक कॉनफेरेन्स की है। इसमें उस वक्त के विभिन्न संस्थानों के प्रिंस व चीफ उपस्थित थे। सबसे पीछे की कतार में बीच में सफेद वस्त्र और सिर पर कोल्हापुरी पगड़ी बांधे खड़े हैं लोकराजा राजर्षि छ. शाहूजी महाराज। तस्वीर में आप उन्हे तुरंत देख सकते हैं। लेकिन बाकी लोग कौन है? उनका नाम क्या है? क्या किसी को पता है? पता भी क्यों होना चाहिए? छत्रपति शाहूजी महाराज के क्रांतिकारी कार्य व विचारों के कारण उन्हे पूरे भारत के करोड़ों लोग ऊनके प्रति आदरभाव रखते हैं, कृतज्ञता रखते हैं, उन्हे “लोकराजा” कहते हैं। उनके राज्य में लिए कई निर्णयों की झलक आज हम भारत के संविधान में देख सकते हैं।
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“छ. शाहूजी महाराज : सामाजिक लोकतंत्र के आधारस्तम्भ” – डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर।
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जय शाहू, जय भारत, जय संविधान!
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