केंद्र सरकार द्वारा लाये गए कृषि कानून के खिलाफ किसानों के आंदोलन का यह 19 वां दिन है। किसान सरकार से मांग कर रहे हैं की नए तीन कृषि कानून और एक बिजली रद्द करें। लेकिन सरकार की तरफ से उस दिशा में कोई विचार नहीं दखाई दे रहा है।
सरकार चाहती है की मौजूदा कानून में अगर कोई सुधार हो तो करेंगे। सरकार के माध्यम से यह बताया जा रहा है की कानून किसानों के हित में है। किसानों का कहना है की न तो हमने इन कानूनों की मांग की थी और न ही हम यह कानून चाहते हैं। किसान का हित किसमें हैं यह किसान भी जानता है, मौजूदा कानून किसानों के हित में नहीं है।
दिल्ली की अलग अलग बॉर्डर पर किसान आज भूक हड़ताल पर हैं। दिल्ली की सिंधु, टिकरी, पलवल और गाजीपुर बॉर्डर पर किसान धरने पर है। किसानों ने देश भर के टोल नाकों को रोकने का ऐलान किया है। दिल्ली के आंदोलन के समर्थन में देश भर आज किसान भूख हड़ताल कर रहे हैं।
आपको बता दें की दिल्ली की इन सभी बॉर्डर की तरफ नजदीकी राज्यों से लाखों की संख्या में किसान इकट्ठा हुए है। किसानों का जमावड़ा लगातार बढ़ रहा है।
किसानों का कहना है की वे अपनी ट्रैक्टर ट्रॉली से छह महीनों तक का अनाज साथ लाये हैं। लम्बे समय तक रुकने का पूरा बंदोबस्त और इरादा है। जबतक कानून वापस नहीं होते लौटने वाले नहीं हैं। ठण्ड और कोहरे के बावजूद भी किसान तिरपाल के टेंट बनाकर धरने पर बैठे हैं।








