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बीते तेरह जुलाई, दो हजार तेईस को जन शिक्षा अधिकार मंच कैथल द्वारा जारी धरने के पूरे दो सौ नब्बे दिन पूरे हो गए। धरना दो सौ नब्बवें दिन भी जारी रहा। इस दिन भी अपनी विभिन्न मांगो को लेकर भारी संख्या में लोग उपस्थित रहे। जिसमे धरने की अध्यक्षता हरियाणा पावर यूनियन के सर्किल सचिव सुरेश पाल ने किया।
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पिछले कई महीनों से जन शिक्षा अधिकार मंच कैथल, हरियाणा सरकार की चिराग योजना और योजना के विरोध करने पर मू० सुरेश द्रविड़ पर लगाए गए राष्ट्रद्रोह के मामले को वापिस लेने की मांग को लेकर धरने पर बैठी हैं।
बीते तेरह जुलाई, दो हजार तेईस को इस धरने के दो सौ नब्बे दिन पूरे हो हुए। इस दिन भी धरना जारी रहा जिसमे सैकड़ों लोगो ने हिस्सा लिया। धरने के दो सौ नब्बवें दिन की अध्यक्षता हरियाणा पावर यूनियन के सर्किल सचिव सुरेश पाल ने की।
सचिव सुरेश पाल ने धरने को संबोधित करते हुए कहा कि, सरकार शिक्षा के साथ – साथ बिजली, परिवहन और स्वास्थ्य सेवाओं का भी बंटाधार कर रही है।
उन्होंने कहा कि, प्राकृतिक आपदा प्रबंधन के लिए हर साल करोड़ों रुपए का फंड रिलीज किया जाता है परंतु ना तो किसी भी ड्रेन की सफाई अच्छे तरीके की जाती है और ना ही एक भी पुल की मरमत बेहतर ढंग से की जाती है और ड्रेनों की साइड को भी ठीक तरह से दुरुस्त नहीं किया जाता ।
उन्होंने आरोप लगाया की, बड़े अधिकारी व नेता मिलकर झुठी पर्चियां रिकॉर्ड में लगा देते हैं और इस प्रकार से फंड लिया जाता है ।
उन्होंने कहा कि, मरम्मत में कमी के कारण थोड़ी सी भी बरसात होने पर बाढ़ की स्थिति पैदा हो जाती है ।
बाढ़ ,भुकंप, या आपदा आने से खाने पीने की वस्तुएं और सब्जियां के दाम बेतहाशा बढ़ जाते है। जहाजों के किराये भी प्राईवेटाईजैशन व मोदी के अडानी – अंबानी द्वारा लगभग दस गुणा बढा़कर वसुले जाते है हैं। वहीं दूसरी ओर किसान तथा मजदूर किसी भी त्रासदी के मौके पर हर संभव चीज फ्री कर देते हैं। बस यही अंतर है, समाजवाद और पूंजीवाद में।फिर भी देश में समाजवादी मजदूरो, किसानों और गरीबों से संसाधन छीनकर पूंजीपतियों को सौंपे जा रहे हैं।
मौके पर उपस्थित भलेराम ने सुरेश द्रविड़ पर दर्ज एफआईआर वापिस लेने की मांग करते हुए कहा की, सुरेश द्रविड़ पर जिला पुलिस कैथल ने इसलिए एफआईआर दर्ज कराई ताकि सरकार की तानाशाही के खिलाफ कोई आवाज न उठा सके।
इस अवसर पर जन शिक्षा अधिकार मंच कैथल के संयोजक जयप्रकाश शास्त्री ने कहा कि, सरकार चाहे तो सौलह जुलाई से पहले सुरेश द्रविड़ पर दर्ज एफआईआर को रद्द कर सकती है। यदि सरकार ऐसा करती है तो हम स्वागत करेंगे अन्यथा यह आंदोलन सरकार की पीठ में कील गाड़ने का काम करेगा।
राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ के राज्य के वरिष्ठ उपप्रधान बलबीर सिंह ने कहा कि, सरकार तुरंत एफआईआर को रद्द करें और बाढ़ पीड़ितों की मदद करें। हरियाणा में बाढ सरकार की लापरवाही का परिणाम है और यह लापरवाही सरकार शिक्षा विभाग के साथ भी कर रही है।
उन्होंने कहा की, शिक्षा विभाग की वास्तविक समस्याओं को नजरंदाज करने से एक दिन शिक्षा विभाग भी बाढ की तरह ही समस्याओं से ग्रस्त होगा और इससे देश को बड़ा नूकसान उठाना पड़ेगा। इसलिए सरकार को सुरेश द्रविड़ द्वारा उठाए गए सवालों और मुद्दों को गंभीरता से लेना चाहिए और इनका समाधान भी तत्परता से करना चाहिए।







