अंतरराष्ट्रीय मूलनिवासी दिवस के अवसर पर झारखंड के विभिन्न जिलों में रैली व संगोष्ठी का आयोजन।

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कई सामाजिक संगठनों ने देश भर में बीते नौ अगस्त, दो हजार तेईस को अंतरराष्ट्रीय मूलनिवासी दिवस के रूप में मनाया। इसी क्रम में झारखंड के विभिन्न जिलों में भी मूलनिवासी दिवस मनाया गया। मूलनिवासी संघ के विभिन्न जिला इकाइयों ने इस अवसर पर रैली व संगोष्ठी का आयोजन किया साथ ही मणिपुर की घटना को लेकर विभिन्न जिला इकाइयों द्वारा महा महिम के नाम ज्ञापन भी सौंपा गया।

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बीते नौ अगस्त, दो हजार तेईस को अंतरराष्ट्रीय मूलनिवासी दिवस के अवसर पर मूलनिवासी संघ के द्वारा झारखंड के विभिन्न जिलों में रैली एवं संगोष्ठी कार्यक्रम का आयोजन किया गया ।

साथ ही मणिपुर में हुए मूलनिवासी महिलाओं पर अत्याचार एवं देश के मूलनिवासियों का शोषण एवं अत्याचार के खिलाफ महामहिम राष्ट्रपति महोदया के नाम विभिन्न जिला प्रशासन के माध्यम से ज्ञापन सौंपा गया।

मूलनिवासी दिवस के अवसर पर झारखंड के बोकारो, गढ़वा , रांची, रामगढ़, हजारीबाग, पूर्वी सिंहभूम, सरायकेला खरसावां, गुमला, साहिबगंज समेत कई जिलों में रैली निकाली गई। जिसमे मूलनिवासी बहुत समाज के पुरुषो, महिलाएं और युवाओं ने बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया।

रैलियों में उपस्थित सैकड़ों लोगो ने देश में मूलनिवासियों के साथ हो रहे शोषण के खिलाफ खूब नारेबाजी की।

अंतरर्राष्ट्रीय मूलनिवासी दिवस के अवसर पर मूलनिवासी संघ द्वारा झारखंड के विभिन्न जिलों में संगोष्ठी कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया। जिसके माध्यम से लोगों को अंतरराष्ट्रीय विश्व मूलनिवासी दिवस के महत्व को समझाया गया ।

वक्तगणों ने अंतरराष्ट्रीय दिवस की शुरुआत कैसे हुई ? इस बारे में लोगो को जानकारी दिया। उन्होंने बताया की संयुक्त राष्ट्र संघ ने सन उन्नीस सौ तिरानवे में यह घोषणा किया था की वर्ष उन्नीस सौ चौरानवे मूलनिवासी वर्ष होगा और नौ अगस्त को पूरा विश्व अंतर्राष्ट्रीय मूलनिवासी दिवस मनाएगा।

उन्होंने आगे कहा की, नौ अगस्त उन्नीस सौ चौरानवे में जेनेवा शहर में संयुक्त राष्ट्र संघ के द्वारा पहली बार विश्व मूलनिवासी दिवस का आयोजन किया गया था। इस विश्व मूलनिवासी दिवस कार्यक्रम में विश्व के विभिन्न देशों से वहां के मूलनिवासियों के प्रतिनिधि उस कार्यक्रम में भाग लेने गए । तभी से प्रत्येक वर्ष पूरा विश्व नौ अगस्त को अंतरराष्ट्रीय मूलनिवासी दिवस मनाता हैं।

मूलनिवासी संघ ने संगोष्ठी समाप्त होने के बाद जिला उपयुक्त के माध्यम से भारत के मूलनिवासियों के साथ हो रहे शोषण एवं अत्याचार के खिलाफ महा महिम राष्ट्रीपति महोदया के नाम ज्ञापन भी सौंपा ।

सौंपे ज्ञापन में मणिपुर, मध्य प्रदेश उत्तर प्रदेश, राजस्थान और गुजरात समेत कई राज्यों में मूलनिवासियों के साथ हुए अत्याचारों का उदाहरण देकर के महा महिमा राष्ट्रपति महोदया को इन मुद्दों पर ध्यान देने की बात कही गई।

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