दिल्ली बॉर्डर पर हो रहे किसानों के राष्ट्रीय आंदोलन का आज 20 वां दिन है। किसान पूरी तैयारी के साथ लम्बे समय तक रुकने के लिए आये हैं। सरकार पर दबाव बढ़ रहा है।
इसी बिच खबर आयी है की संसद का शीतकालीन सत्र नहीं होने जा रहा है। देश के बडे समाचार पत्रों ने इसे छापा है। हालाँकि संसदीय कार्य मंत्रालय की तरफ से इस सन्दर्भ में कोई प्रेस विज्ञप्ति जारी नहीं की है।
लेकिन, अख़बारों में छपी खबरों के अनुसार संसदीय कार्यमंत्री प्रल्हाद जोशी ने लोकसभा में कांग्रेस नेता अधिररंजन चौधरी को पत्र लिखकर बताया है कि सभी दलों के नेताओं से चर्चा के बाद यह आम राय बनी थी की कोविड19 महामारी के चलते सत्र नहीं बुलाया जाना चाहिए। आगे इस पत्र में यह भी कहा गया है की संसद का बजट सत्र जनवरी 2021 में होगा।
दरअसल, विपक्षी नेताओं की मांग थी की मौजूदा किसान आंदोलन के मद्देनजर शीतकालीन सत्र को बुलाया जाना चाहिए और उसमें विवादित कृषि कानूनों पर चर्चा होनी चाहिए। लेकिन सरकार के संसदीय कार्यमंत्री प्रल्हाद जोशी द्वारा कांग्रेस नेता अधिररंजन चौधरी को लिखें पत्र से साफ़ है की इस महीने शीतकालीन सत्र नहीं होने जा रहा है।








