बामसेफ : एससी, एसटी, ओबीसी व माइनोरिटी का सबसे बड़ा सामाजिक मिशनरी संगठन

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बामसेफ का 39वां राष्ट्रीय अधिवेशन इस वर्ष नागपुर में।

दिसंबर 25 से 28 दिसंबर को देश-विदेश से हजारों कार्यकर्ता रहेंगे उपस्थित।

अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग और मूलनिवासी माइनॉरिटी समुदाय का राष्ट्रीय स्तरीय का सबसे बड़ा सामाजिक तथा मिशनरी संगठन बामसेफ का 39वां राष्ट्रीय अधिवेशन राष्ट्रपिता ज्योतिबा फुले सामाजिक क्रांति संस्थान, रिंगनाबोडी, नागपुर, महाराष्ट्र में होने जा रहा है | राष्ट्रीय अधिवेशन की कार्रवाई दिनांक 25 से 28 दिसंबर, 2022 तक चलेगी।

बामसेफ अर्थात दि ऑल इंडिया बैकवर्ड (एससी, एसटी, ओबीसी) एंड माइनॉरिटी कम्युनिटीज एम्प्लाइज फेडरेशन का 39वां राष्ट्रीय अधिवेशन का उद्घाटन दिनांक 25 दिसम्बर, 2022 दिन रविवार की सुबह 11 बजे होगा। दरअसल राष्ट्रीय अधिवेशन की कार्रवाई का प्रारंभ प्रातः 8 बजे से शुरू होगा| इस कार्रवाई में बामसेफ का झंडोत्तोलन, बीवीएफ परेड, कार्यकर्ताओं की प्रतिबद्धता व समर्पण की प्रतिज्ञा व उद्घाटन सत्र में अतिथियों का मार्गदर्शन होगा।

इस वर्ष बामसेफ के राष्ट्रीय अधिवेशन के उद्घाटन सत्र के मुख्य अतिथि होंगे डॉ० आर. एस. कुरील (कुलपति, महात्मा गाँधी उघानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, दुर्ग) वहीं विश्व प्रख्यात राजनितिक विशेषज्ञ डॉ. क्रिस्टोफी जेफ़रलोट जोकि दक्षिण एशिया की राजनीति के अभयशक है, विशेष अतिथि के रूप में संबोधित करेंगे। साथ ही, सोशल रिवोल्यूशन अलायंस के संस्थापक सदस्य जस्टिस वीरेंद्र सिंह भी विशेष रूप से विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहकर कार्यकर्ताओं को सम्बोधित करेंगे। अधिवेशन के उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता बामसेफ के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन गनोरकर करेंगे। जबकि उद्घाटन सत्र की प्रस्तावना बामसेफ के राष्ट्रीय महासचिव डॉ० संजय इंगोले करेंगे व सत्र का संचालन बामसेफ केंद्रीय कार्यकारिणी सदस्य डॉ० पी. कमला मैडम करेंगी।

25 से 28 दिसंबर इन चार दिनों में अत्यंत महत्वपूर्ण विषयों पर प्रबोधन व प्रतिनिधि सत्रों में चर्चा होंगी। जिसमे वक्तागण के रूप में संबंधित विषयों के विशेषज्ञ व अनुभवी कार्यकर्ता अपने विचार रखेंगे। बामसेफ कई दशकों से राष्ट्रीय अधिवेशनो के माध्यम से देश के उन विषयों को राष्ट्रीय स्तर पर उठाती रही हैं जिन्हे मनुस्ट्रीम मीडिया दबाने व भटकाने के लिए दिन-रात कार्यरत रहता है।

आपको बता दें कि राष्ट्रीय अधिवेशन के दौरान बामसेफ और उससे जुड़ें प्रशाखा संगठन के प्रतिनिधि विशेषरूप से अपनी बैठक करते हैं। जिसमें सभी संगठनों की गतिविधियों का सिंहावलोकन किया जाता है। तथा आपसी तालमेल के साथ आगामी गतिविधियों की योजना पर भी काम किया जाता है।

आपको बता दें कि फूले-आंबेडकर मिशन के लक्ष्य की पूर्ति के लिए देशभर में संगठन का जाल, प्रशिक्षित, प्रतिबद्ध व समर्पित कार्यकर्ताओं की संगठनात्मक व्यवस्था, सतत प्रशिक्षण व प्रबोधन गतिविधियों की व्यवस्था, समाज के सभी घटक मुख्य रूप से महिला, युवा, विद्यार्थी, किसान, मजदूर आदि को आंदोलन की व्यवस्था में जोड़ना, सभी प्रकार की गतिविधियों को लगने वाले आर्थिक संसाधन की व्यवस्था करना इन कार्यों में बामसेफ के कार्यकर्ता लगातार कार्य कर रहे हैं। आपको यह भी बता दें की, फूले-आंबेडकर विचारधारा पर पुरे देश में बामसेफ का कार्य आगे बढ़ रहा है। फुले-अम्बेडकर विचारधारा के मनमनावों का के सपनों को पूरा करने के लिए बामसेफ संकल्पित है|

बामसेफ, भारत के संविधान को अक्षरशः लागू करने हेतु समाज में संविधान व संविधानवाद की जागरूकता के लिए विशेष कार्यक्रम चला रहा है। मूलनिवासी पहचान के तहत एससी, एसटी, ओबीसी को सामाजिक रूप से जोड़ते हुए बामसेफ समाज की बड़ी ताकत बन रहा है।

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